>40 Lakh Pageviews!

Monday

घुंघरू की तरह- Ghungroo Ki Tarah (Kishore Kumar, Chor Machaye Shor)

Movie/Album: चोर मचाए शोर (1974)
Music By: रविन्द्र जैन
Lyrics By: रविन्द्र जैन
Performed By: किशोर कुमार

घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूँ मैं
कभी इस पग में, कभी उस पग में
बंधता ही रहा हूँ मैं
घुंघरू की तरह...

कभी टूट गया, कभी तोड़ा गया
सौ बार मुझे फिर जोड़ा गया
यूँ ही लुट-लुट के, और मिट-मिट के
बनता ही रहा हूँ मैं
घुंघरू की तरह...

मैं करता रहा औरों की कही
मेरी बात मेरे मन ही में रही
कभी मंदिर में, कभी महफ़िल में
सजता ही रहा हूँ मैं
घुंघरू की तरह...

अपनों में रहे या गैरों में
घुंघरू की जगह तो है पैरों में
फिर कैसा गिला जग से जो मिला
सहता ही रहा हूँ मैं
घुंघरू की तरह...

2 comments:

Bidyut Kumar said...

अति सुंदर हृदयस्पर्शी ....

PARTHA BHATTACHARJEE said...

Ek Toote Dil Ki Daastaa

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...