आफरीं आफरीं - Afreen Afreen (Rahat Fateh Ali Khan, Momina Mustehsan, Coke Studio S09E2)

Movie/Album: कोक स्टूडियो सीज़न 9 एपिसोड 2 (2016)
Music By: फाख़िर महमूद
Lyrics By: जावेद अख़्तर, एफ.के.खलिश
Performed By: राहत फतेह अली खान, मोमिना मुस्तेहसान

ऐसा देखा नहीं खूबसूरत कोई
जिस्म जैसे अजंता की मूरत कोई
जिस्म जैसे निगाहों पे जादू कोई
जिस्म नगमा कोई, जिस्म खुशबू कोई
जिस्म जैसे महकती हुई चाँदनी
जिस्म जैसे मचलती हुई रागिनी
जिस्म जैसे कि खिलता हुआ इक चमन
जिस्म जैसे कि सूरज की पहली किरण
जिस्म तरशा हुआ दिलकश-ओ-दिलनशीं
संदली संदली, मरमरीं मरमरीं
हुस्न-ए-जानां की तारीफ़ मुमकिन नहीं
आफरीं आफरीं
तू भी देखे अगर तो कहे हमनशीं
आफरीं आफरीं...

जाने कैसी बाँधी तूने अँखियों के डोर
मन मेरा खिंचा चला आया तेरी ओर
मेरे चेहरे की सुबह, ज़ुल्फ़ों की शाम
मेरा सब कुछ है पिया, अब से तेरे नाम
नज़रों ने तेरी छुआ, तो है ये जादू हुआ
होने लगी हूँ मैं हसीं
आफरीं आफरीं...

चेहरा इक फूल की तरह शादाब है
चेहरा उसका है या कोई महताब है
चेहरा जैसे गज़ल, चेहरा जान-ए-गज़ल
चेहरा जैसे कली, चेहरा जैसे कँवल
चेहरा जैसे तसव्वुर भी, तस्वीर भी
चेहरा इक ख़्वाब भी, चेहरा ताबीर भी
चेहरा कोई अलिफ़-लैल वी दास्तां
चेहरा इक पल यकीं, चेहरा इक पल गुमां
चेहरा जैसा कि चेहरा कहीं भी नहीं
माहरू माहरू, महजबीं महजबीं
हुस्न-ए-जानां की तारीफ़...

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