Music By: मन्ना डे
Lyrics By: मधुकर राजस्थानी
Performed By: मन्ना डे
बजती न अगर राधा की पायल
श्याम न बंसी कभी बजाते
प्रेम का सीरत सच न बनता
माधव, माधव बन नहीं पाते
बजती न अगर...
जनम जनम की बिरहन राधे
तन से सुहागन बन के
लाज भरी उलझन में उलझी
खोजे सपने मन के
छेड़ गई पुरवैय्या पायल
नन्हें नुपुर छुम छनके
बिखरे बेसुध धुन में बदले
राधे कहाँ हो बस ये गाते
बजती न अगर...
अनजाने में सुर की बरखा
प्यासे मन पे बरसे
भीगी राधा थर-थर काँपे
पूछे नैन डगर से
क्या वो आए, जिनकी राहें
देखूँ रे जीवन भर से
जग ने उस दिन प्रेम को जाना
जिसको पा के सब खो जाते
बजती न अगर...