Music By: हरिहरन
Lyrics By: शमीम जयपुरी
Performed By: हरिहरन
क्यूँ हमें मौत के पैग़ाम दिए जाते हैं
ये सज़ा कम तो नहीं है कि जीए जाते हैं
क्यूँ हमें मौत के...
नशा दोनों में है साक़ी
मुझे ग़म दे या शराब
मय भी पी जाती है
आँसू भी पिए जाते हैं
ये सज़ा कम...
एक तू है कि हमारी
नहीं तुझको परवाह
एक हम हैं कि
तेरा नाम लिए जाते हैं
ये सज़ा कम...
ज़िन्दगी अपनी कशाकश में
गुज़रती है 'शमीम'
जी नहीं चाहता
जीने को जिए जाते हैं
ये सज़ा कम...