Music By: खय्याम
Lyrics By: दयाशंकर नसीम
Performed By: हरिहरन
फ़िराक़-ए-दीदा हूँ मैं
वस्ल-ए-यार बाक़ी है
हिज़ा रसीदा चमन की बहार बाक़ी है
फ़िराक़-ए-दीदा हूँ मैं...
हवा तो कहती है साफ़ा-मद-ए-बहार-ए-चमन
सदा-ए-गुंचा-ए-वहदत हज़ार बाक़ी है
फ़िराक़-ए-दीदा हूँ मैं
जुनून-ओ-अक्ल के क़िस्से से छूटे बाद-ए-फ़ना
न पर्दादर है न, वो पर्दादार बाक़ी है
फ़िराक़-ए-दीदा हूँ मैं
बुतों के कहर से हमको मकाँ में यास नहीं
उम्मीद-ए-रहमत-ए-परवर-दिगार बाक़ी है
फ़िराक़-ए-दीदा हूँ मैं