इक मुलाक़ात - Ik Mulaqaat (Meet Bros, Altamash, Palak, Ayushmann, Dream Girl)

Movie/Album: ड्रीम गर्ल (2019)
Music By: मीत ब्रोज़
Lyrics By: शब्बीर अहमद
Performed By: मीत ब्रोज़, अल्तमश फरीदी, पलक मुछल, आयुष्मान खुराना

मैं भी हूँ तू भी है आमने-सामने
दिल को बहका दिया इश्क के जाम ने

मैं भी हूँ तू भी है आमने सामने
दिल को बहका दिया इश्क के जाम ने
मुसलसल नज़र बरसती रही
तरसते हैं हम भीगे बरसात में
इक मुलाक़ात
इक मुलाक़ात में बात ही बात में
उनका यूँ मुस्कुराना गज़ब हो गया
कल तलक वो जो मेरे खयालों में थे
रूबरू उनका आना गज़ब हो गया

मोहब्बत की पहली मुलाक़ात का
असर देखो ना जाने कब हो गया
इक मुलाक़ात में, बात ही बात में
उनका यूँ मुस्कुराना गज़ब हो गया

मख्तबर दर्द का कुछ ख्याल नहीं है
इक तरफ मैं कहीं, इक तरफ दिल कहीं

आँखों का ऐतबार मत करना
ये उठे तो कत्लेआम करती हैं
कोई इनकी निगाहों पे पहरा लगाओ यारों
ये निगाहों से ही खंज़र का काम करती है

मख्तबर दर्द का कुछ ख्याल नहीं है
इक तरफ मैं कहीं, इक तरफ दिल कहीं
एहसास की ज़मीन पे क्यूँ धुआँ उठ रहा
है जल रहा दिल मेरा क्यूँ पता कुछ नहीं

क्यूँ खयालों में कुछ बर्फ सी गिर रही
रेत की ख्वाहिशों में नमी भर रही
मुसलसल नज़र बरसती रही...

आयुष्मान
हमसफ़र, हर सफ़र में तेरी ही कमी है
दिल तेरा ही तो है, मेरे हद की ज़मीं
हमदर्द तू, मेरे दर्द से तू वाकिफ नहीं है
करीब आ, देख तू आँखों की नमी
क्यूँ ख्यालों में कुछ बर्फ सी गिर रही
रेत की ख्वाहिशों में नमी भर रही
मुसलसल नज़र, बरसती रही
बरसते हैं हम भीगे बरसात में
इक मुलाक़ात...

दिल का टेलीफोन - Dil Ka Telephone (Meet Bros, Jonita Gandhi, Nakash Aziz, Dream Girl)

Movie/Album: ड्रीम गर्ल (2019)
Music By: मीत ब्रोज़
Lyrics By: कुमार
Performed By: मीत ब्रोज़, नकाश अज़ीज़, जोनिता गाँधी

जब आये तेरी याद मुड़ के जाती नहीं
सजना अब तो नींद भी मुझको आती नहीं

जब आये तेरी याद मुड़ के जाती नहीं
सजना अब तो नींद भी मुझको आती नहीं
हो मजनू मेरे यार
ये लैला है तैयार
हो जल्दी से ले के आजा
इक डायमंड की रिंग
तेरे लिए दिल का टेलीफोन
है बजता रिंग रिंग रारा रिंग
हो मेरे दिल का टेलीफोन
है बजता रिंग रिंग रारा रिंग
हो मेरे दिल का टेलीफोन...

तू मेरी ड्रीम गर्ल बन जा रे
आई एम् सर्चिंग फॉर यौर लव
ओ मेरी जान चली ना जाए
आई एम् सर्चिंग फॉर यौर लव...

तुझसे बातें करके, मुझे लगता है अच्छा
है झूठे बाकी सारे, मैं आशिक हूँ सच्चा
सामने आ के सुन ले, जो शेर लिखे तुझपे
नहीं ऐसा वैसा शायर, हूँ ग़ालिब का बच्चा
तेरी जो कलाई मेरे हथ लग जाये
बल्ब मुकद्दरों का मेरा जग जाये
कहने लगे हैं मेरे सपने यही
कभी मिल जा तू आ के

मैं माँगूँ तेरा हाथ, मुझे रहना तेरे साथ
हो, रानी मैं तेरी मेरे दिल का तू ही किंग
तेरे लिए दिल का टेलीफोन...