मोर भंगिया का मनाई दे - Mor Bhangiya Ka Manai De (Md.Rafi, Asha Bhosle, Gangadham)

Movie/Album: गंगाधाम (1980)
Music By: सपना जगमोहन
Lyrics By: इन्दीवर
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोसले

मोर भंगिया का मनाई दे, ओ भैरो नाथ
मोर जोगिया का मनाई दे
बात मोरी बिगड़ी बनाई दे
मोर भंगिया का मनाई दे, ओ भैरो नाथ

तेरे द्वार जो भी आए, मन चाहा फल पा जाए
शंकर का प्यारा है तू, दुखियों का सहारा है तू
तेरी कही सुनते हैं बाबा
शिव पे चढ़े तेरा चढ़ावा
भोला से हमको मिलाई दे, ओ भैरो नाथ
मोर भंगिया का मनाई दे, ओ भैरो नाथ

बाघम्बर तन पर सोहे, नाग की माला मन को मोहे
अंग भभूत बैल सवारी, कर त्रिशूल डमरू धारी
चढ़ती है बेल की पाती
भले बुरे सब के साथी
एक बार दरस दिखाई दे, ओ भैरो नाथ
मोर भंगिया का मनाई दे, ओ भैरो नाथ

गंगा जल देवों के देवा, राजी हो करती सेवा
तीजा नयन जब जब खोले, तीनों लोक डगमग डोले
भगतों को तार दिया है
जग के लिए ज़हर पिया है
थोड़ा सा उनको जगाई दे, ओ भैरो नाथ
मोर भंगिया का मनाई दे, ओ भैरो नाथ

जिसने की मन से भक्ति, दे दी उसे अपनी शक्ति
शिव की न जो पूजा करते, कैसे राम पार उतरते
राम की हो या रावण की
पीर हरी सब के मन की
विपदा मोरी मिटाई दे, ओ भैरो नाथ
मोर भंगिया का मनाई दे, ओ भैरो नाथ

श्री गणेशाय धीमहि - Shree Ganeshay Dheemahi (Shankar Mahadevan, Viruddh)

Movie/Album: विरुद्ध (2005)
Music By: अजय-अतुल
Lyrics By: पारंपरिक
Performed By: शंकर महादेवन

गणनायकाय गणदेवताय गणाध्यक्षाय धीमहि
गुणशरीराय गुणमण्डिताय गुणेशानाय धीमहि
गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि
एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि
गजेशानाय भालचन्द्राय श्री गणेशाय धीमहि
एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि
गजेशानाय भालचन्द्राय श्री गणेशाय धीमहि

गानचतुराय गानप्राणाय गानान्तरात्मने
गानोत्सुकाय गानमत्ताय गानोत्सुकमनसे
गुरुपूजिताय गुरुदेवताय गुरुकुलस्थायिने
गुरुविक्रमाय गुह्यप्रवराय गुरवे गुणगुरवे
गुरुदैत्यगलच्छेत्रे गुरुधर्मसदाराध्याय
गुरुपुत्रपरित्रात्रे गुरुपाखण्डखण्डकाय

गीतसाराय गीततत्त्वाय गीतगोत्राय धीमहि
गूढगुल्फाय गन्धमत्ताय गोजयप्रदाय धीमहि
गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि
एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि
गजेशानाय भालचन्द्राय श्री गणेशाय धीमहि
एकदंताय वक्रतुण्डाय...

गंधर्वराजाय गंधाय गंधर्वगान श्रवणप्रणयिने
गाढानुरागाय ग्रंथाय गीताय ग्रंथार्थ तत्वविदे
गुणिने गुणवते गणपतये

ग्रन्थगीताय ग्रन्थगेयाय ग्रन्थान्तरात्मने
गीतलीनाय गीताश्रयाय गीतवाद्यपटवे
गेयचरिताय गायकवराय गन्धर्वप्रियकृते
गायकाधीनविग्रहाय गङ्गाजलप्रणयवते
गौरीस्तनन्धनयाय गौरीहृदयनन्दनाय
गौरभानुसुताय गौरीगणेश्वराय

गौरीप्रणयाय गौरीप्रवणाय गौरभावाय धीमहि
गोसहस्त्राय गोवर्धनाय गोपगोपाय धीमहि
गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि
एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि
गजेशानाय भालचन्द्राय श्री गणेशाय धीमहि
एकदंताय वक्रतुण्डाय...