लालम लाल - Laalam Laal (Rajnigandha Shekhawat, Sawani Mudgal, Kaagaz)

Movie/Album: कागज़ (2021)
Music By: प्रवेश मलिक
Lyrics By: असीम अहमद अब्बासी
Performed By: रजनीगंधा शेखावत, सावनी मुद्गल

गोरे गोरे मेरे सैंया
काँसे के कटोरे सैंया
देखे जब जिया ललचाये
खिड़की मुंडेर चडूं
नैनों के खिलाड़ी बड़ी
डोरे डाले बैठी रहे आहे

सैंया जी दबंग ऐसे
ऐसे चीड़ दे पलंग जैसे
मिलूँ जब बिच्छ बिच्छ जाये
मंतर पुकारा करूँ
आरा उतारा करूँ 
सैंया को कोई ले जाए

लालम लाल गुल अनार
सैंया हर दिल के सरदार
लालम लाल...
जब तक ले लूँ ना बलैयाँ
हरगिज़ घर से मत निकलना सैयां
हो सैंया
हो सैयां सौतनों से भरे
सारे यूपी के बाज़ार...

सैंया सीरे के गिलास
बातें करते हैं फर्स्ट क्लास
सैंया जी के हर लफज में
दसहरी की मिठास
सैंया शायर लच्छेदार
कुर्ते में लगते गुलजार
जब तक ले लूँ ना बलैयाँ...

मोरे सैयां की महक रही सी सैंया सैंया
मोरे सैंया है इतर की सीसी सैंया सैंया
मोरे सैंया की रात बादामी सैंया सैंया
मोरे सैंया की बात किमामी सैंया सैंया
सैयां अचकन के गुलाब
उजले ताज की मेहराब
सैंया जी की कद काठी का
सारा यूपी देखे ख्वाब
पल में गुस्सा, पल में प्यार
संगे-लर्जा की दीवार
जब तक ले लूँ ना बलैयाँ...

गुस्ताख़ मौसम - Gustakh Mausam (Ronit Chaterji, Vibha Saraf, Nail Polish)

Movie/Album: नेल पॉलिश (2021)
Music By: रोनित चटर्जी
Lyrics By: सुदीप नाइक
Performed By: रोनित चटर्जी, विभा सराफ

शाख से गिरे हैं यूँ बादलों पे
गुस्ताख़ मौसम
बह चले हैं झील की चादरों पे
गुस्ताख़ मौसम

ले चल मुझे दूर तू कहीं
आँखें जहाँ कह दे अनकही
जागे सोये शबनमी कालीनों पे
गुस्ताख़ मौसम
खो रहे गूँज से पर्वतों में
गुस्ताख़ मौसम

पलकें मेरी ढलती नहीं
छलकें है जो सपने कई

खिल रहे हैं गुल कहीं हसरतों के
गुस्ताख़ मौसम
उड़ चले हैं क्यों परे सरहदों के
गुस्ताख़ मौसम
हाथ थामे मन चले रास्तों पे
गुस्ताख़ मौसम
डूब जाएँ बाहों में जन्नतों के
गुस्ताख़ मौसम