जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें - Jurm-e-Ulfat Pe Hamein (Lata Mangeshkar, Taj Mahal)

Movie/Album: ताज महल (1963 )
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर

जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं
कैसे नादान हैं, शोलों को हवा देते हैं
कैसे नादान हैं

हम से दीवाने कहीं तर्क-ए-वफ़ा करते हैं
जान जाए कि रहे, बात निभा देते हैं
जान जाए

आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तोलें
हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं
हम मोहब्बत से

तख़्त क्या चीज़ है और लाल-ओ-जवाहर क्या है
इश्क़ वाले तो ख़ुदाई भी लुटा देते हैं
इश्क़ वाले

हमने दिल दे भी दिया, एहद-ए-वफ़ा ले भी लिया
आप अब शौक़ से दे लें, जो सज़ा देते हैं
जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं

कैसे बनेगी सरकार - Kaise Banegi Sarkar (Vidhya, Pallavi, Deepa, Motichoor Chaknachoor)

Movie/Album: मोतीचूर चकनाचूर (2019)
Music By: भारत-हितार्थ
Lyrics By: भारत मेनारिया
Performed By: विद्या गोपाल, पल्लवी श्याम सुंदर, दीपा शिरोडकर

नाक कटा के छोरा छोरी
गठबंधन चला बैठे
तोड़ के रे कार्ड रिजेक्शन के
मोहल्ले में ही गुल खिला बैठे

बात सारे मोहल्ले में चल जाए
वर्जिनों की भी दुनिया बदल जाए
इक करे तैयारियाँ लो आई आई कार
इक करे अरमानों की ज़हरीली डकार
कैसे बनेगी सरकार हो
हाँ कैसे बनेगी सरकार हो

ईगो वाला कद्दू ये निगल जाए
जीजा फूफा की दालें भी गल जाए
शगुन की थाली में छेद कहीं है
ऐसी रुकावट पे खेद नहीं है
कैसे बनेगी सरकार...

छोटा सा कॉम्प्रो है जी मान लो
यूँ ना फ्यूचरिया की जान लो
छोटा सा कॉम्प्रो है जी मान लो (मान लो)
यूँ ना फ्यूचरिया की जान लो (जान लो)
क्या तुम हमारे नहीं हो
भीगे छुहारे नहीं हो
हाँ अब कँवारे नहीं हो
बोलो हो (हाँ जी बोलो)

खटिया में जैसे खटमल निकल जाए
फेंटसियों की कुल्फी पिघल जाए
तंग रास्तों से साँवरिया चले
दूधे नहाए जी फूले फले
ऐसे बनेगी सरकार हो
हाँ ऐसे बनेगी सरकार हो

लो अब मौसी से ज्ञान लो

माउथ में बीटल की लाल-लाल लीप रखना
दंगल खेलो तो होठों पे बीप रखना
साल के दो हनीमून ट्रिप करना
कॉम्पलीमेंटों की जेबें भी डीप रखना
वाह वाह वाह वाह
तो सोने के लड्डू पे मारो गुलेल
लो जी मुबारक उमर भर की जेल
बनी रहेगी सरकार हो
बनी रहेगी सरकार हो
बनी रहेगी सरकार हो
नहीं गिरेगी सरकार
नहीं गिरेगी सरकार हो