ज़िन्दगी दर्द का दूसरा नाम - Zindagi Dard Ka Doosra Naam (Amit Kumar, Saaransh)

Movie/Album: सारांश (1984)
Music By: अजीत वर्मन
Lyrics By: वसंत देव
Performed By: अमित कुमार

हर घड़ी ढल रही शाम है ज़िन्दगी
दर्द का दूसरा नाम है ज़िन्दगी
हर घड़ी ढल रही...

आसमाँ है वही, और वही है ज़मीं
है मकाँ ग़ैर का, ग़ैर है या हमीं
अजनबी आँख सी आज है ज़िन्दगी
दर्द का दूसरा...

क्यूँ खड़े राह में, राह भी सो गई
अपनी तो छाँह भी, अपने से खो गई
भटके हुए पंछी की रात है ज़िन्दगी
दर्द का दूसरा...

एक बात सुनी है - Ek Baat Suni Hai (Shatrughan Sinha, Sushma Shreshtha, Naram Garam)

Movie/Album: नरम गरम (1981)
Music By: आर डी बर्मन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: शत्रुघ्न सिन्हा, सुषमा श्रेष्ठ

एक बात सुनी है चाचाजी, बतलाने वाली है
अरे घर में एक अनोखी चीज़ आने वाली है
हाँ रे भैया ने फिर कोई लड़की देखी है
तेरी चाची बुलडोज़र, आने वाली है
एक बात सुनी है...

दिन और रात की खिटपिट होगी, हॉर्न बजायेगी
अच्छे ख़ासे घर को वो गराज बनायेगी
अरे आपको ऐंवई चाची से खतरा लगता है
शादी हो जाये तो देखें कैसा लगता है
अरे आयेगी ही अब तो, वो जो आने वाली है
एक बात सुनी है...

जाने अब क्या होगा वो क्या हाल बनायेगी
मुँह से खाता था वो नाकों चने चबाएगी
गोभी आलू बने तो कहना आलू गोभी दे
हार न खाना, मार न खाना, बाकी जो भी दे
अरे आयेगी ही अब...