अगर हम कहें - Agar Hum Kahen (Jagjit Singh, Chitra Singh, Passions)

Movie/Album: पैशन्स (1987)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फाकिर
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

अगर हम कहें और वो मुस्कुरा दें
हम उनके लिए ज़िंदगानी लुटा दें

हर एक मोड़ पर हम ग़मों को सज़ा दें
चलो ज़िंदगी को मोहब्बत बना दें

अगर ख़ुद को भूले तो, कुछ भी न भूले
कि चाहत में उनकी, ख़ुदा को भुला दें

कभी ग़म की आँधी, जिन्हें छू न पाए
वफ़ाओं के हम, वो नशेमन बना दें

क़यामत के दीवाने कहते हैं हमसे
चलो उनके चहरे से पर्दा हटा दें

सज़ा दें, सिला दें, बना दें, मिटा दें
मगर वो कोई फ़ैसला तो सुना दें

किसने भीगे हुए - Kisne Bheege Hue (Jagjit Singh, Pankaj Udhas, Visions, Naqoosh)

Movie/Album: विज़न्स (1991), नक़ूश (2009)
Music By: जगजीत सिंह, पंकज उदास
Lyrics By: आरज़ू लखनवी
Performed By: जगजीत सिंह, पंकज उदास

जगजीत सिंह
किसने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी
झूम के आई घटा, टूट के बरसा पानी

कोई मतवाली घटा थी, के जवानी की उमंग
जी बहा ले गया बरसात का पहला पानी
झूम के आई घटा...

टिक-टिकी बांधे वो फिरते हैं, मैं इस फ़िक्र में हूँ
कहीं खाने लगे चक्कर न ये गहरा पानी
झूम के आई घटा...

बात करने में वो उन आँखों से अमृत टपका
'आरज़ू' देखते ही मुँह में भर आया पानी
झूम के आई घटा...

पंकज उदास
किसने भीगे हुए बालों से, ये झटका पानी
झूम कर आई घटा, टूट के बरसा पानी

रो लिया फुट के, सीने में जलन अब क्यूँ हो
आग पिघला के निकाला है ये जलता पानी
किसने भीगे हुए बालों से...

कोई मतवाली घटा थी, के जवानी की उमंग
जी बहा ले गया बरसात का पहला पानी
किसने भीगे हुए बालों से...

ये पसीना वही आँसू हैं, जो पी जाते थे तुम
'आरज़ू' लो, वो खुला भेद, वो फूटा पानी
किसने भीगे हुए बालों से...