Music By: मिथुन
Lyrics By: मिथुन
Performed By: जुबिन नौटियाल
कोई घर ही नहीं, है फ़िकर भी नहीं
तेरा दर है वही, तुझे जाना है जहाँ
आसमाँ ओढ़ ले या हवा मोड़ ले
यारा कर तू वही तूने ठाना जो यहाँ
उड़ जा परिन्दे वे उड़ ज़रा
उड़ जा परिन्दे न रुक यहाँ
है खुदा के और भी आसमाँ
उड़ जाना है बस वहाँ
हो बंजर हो या हो फिरदौस हाँ
हर रंग का ज़रा लुत्फ़ उठा
है खुदा के और भी आसमाँ
उड़ जाना है बस वहाँ
उड़ जा..
एक ज़िन्दगी है, रब से मिली है
इसके हर पल को तू अपना ले
लब पे दुआ हो, दिल में वफ़ा हो
अनहोनी होनी करके दिखा दे
तुझमें बसा खुदा, सच है ये बाखुदा
तेरा शहर तो है, ये सारा जहां
क्या खबर, क्या पता
कल तू होगा कहाँ
ये जो पल है मिला
दिल लुटाना बेपनाह
उड़ जा परिन्दे...
बन कबीरा एक परिंदा
उड़ता जाए तो ही ज़िंदा
बन कबीरा, कबीरा
कबीरा रे...