Music By: अमित त्रिवेदी
Lyrics By: वरुण ग्रोवर
Performed By: अरिजीत सिंह, पलक मुच्छाल, रुपाली मोघे
जब चलते चलते राह मुड़े
जब जुगनू मुट्ठी खोल उड़े
जब नयन ये तोड़े रूल सभी
और खुल के कर ले भूल सभी
भूल सभी भूल सभी
तो अटक गया है
ये मन अटक गया है
कुछ चटक गया है
ये मन अटक गया है
तो अटक गया है...
कभी झील है तू और कभी
यादों की नाव है
तू ही दिल का किनारा मेरा
कभी धूप है तू और कभी
तारों की छाँव है
सारा ही है सहारा मेरा
जब बाकी दुनिया धुँधली लगे
जब रात भी उजली उजली लगे
जब दिल को दुआ मालूम पड़े
और धड़कन झट से बूम करे
बूम करे बूम करे
तो अटक गया है...
अटका जावे अटका जावे
सिलसिला प्रेम का
आ हाथ पे रक्खें बुलबुला प्रेम का
अटका जावे...