Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह
शायद मैं ज़िन्दगी की सहर
ले के आ गया
क़ातिल को आज अपने ही घर
ले के आ गया
ता-उम्र ढूंढता रहा मंज़िल मैं इश्क़ की
अंजाम ये कि गर्द-ए-सफ़र
ले के आ गया
क़ातिल को आज...
नश्तर है मेरे हाथ में कांधों पे मय-क़दा
लो मैं इलाज-ए-दर्द-ए-जिगर
ले के आ गया
क़ातिल को आज...
'फ़ाकिर' सनम कदे में न आता मैं लौट कर
इक ज़ख़्म भर गया था इधर
ले के आ गया
क़ातिल को आज...