शायद मैं ज़िन्दगी की सहर - Shayad Main Zindagi Ki Sahar (Jagjit Singh)

Movie/Album: द लेटेस्ट (1982)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह

शायद मैं ज़िन्दगी की सहर
ले के आ गया
क़ातिल को आज अपने ही घर
ले के आ गया

ता-उम्र ढूंढता रहा मंज़िल मैं इश्क़ की
अंजाम ये कि गर्द-ए-सफ़र
ले के आ गया
क़ातिल को आज...

नश्तर है मेरे हाथ में कांधों पे मय-क़दा
लो मैं इलाज-ए-दर्द-ए-जिगर
ले के आ गया
क़ातिल को आज...

'फ़ाकिर' सनम कदे में न आता मैं लौट कर
इक ज़ख़्म भर गया था इधर
ले के आ गया
क़ातिल को आज...

भीगे हुए लम्हों - Bheege Hue Lamhon (Hariharan, Dil Ki Baat)

Movie/Album: दिल की बात (1990)
Music By: हरिहरन
Lyrics By: इब्राहिम अश्क़
Performed By: हरिहरन

भीगे हुए लम्हों का एहसास चुरा ले जा
दौलत ये मेरे दिल की चुपके से उठा ले जा
भीगे हुए लम्हों...

तू हम से ख़फ़ा क्यों है
तू हम से जुदा क्यों है
इक पल के लिए आ जा
सदियों का मज़ा ले जा
दौलत ये मेरे दिल...

ये रस्म निभाने में
तेरा ही भला होगा
मैं फूल हूँ तू मेरी
ख़ुशबू ही उड़ा ले जा
दौलत ये मेरे दिल...

ऑंसू नहीं छलके तो
रोने का मज़ा क्या है
कर और सितम मुझ पे
या अपनी सज़ा ले जा
दौलत ये मेरे दिल...