Movie/Album: दो राहा (पाकिस्तानी) (1952)
Music By: सोहेल राना
Performed By: मेहदी हसन
मुझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो
मुझे तुम कभी भी भुला न सकोगे
न जाने मुझे क्यूँ यकीन हो चला है
मेरे प्यार को तुम मिटा न सकोगे
मेरी याद होगी जिधर जाओगे तुम
कभी नगमा बनके कभी बन के आँसू
तड़पता मुझे हर तरफ पाओगे तुम
शमा जो जलाए हैं मेरी वफ़ा ने
बुझाना भी चाहो बुझा न सकोगे
मुझे तुम नज़र से...
कभी नाम बातों में आया जो मेरा
तो बेचैन हो हो के दिल थाम लोगे
निगाहों में छायेगा ग़म का अँधेरा
किसी ने जो पूछा सबब आँसुओं का
बताना भी चाहो बता न सकोगे
मुझे तुम नज़र से..
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