मुसाफिर हूँ यारों - Musafir Hoon Yaaron (Kishore Kumar, Parichay)

Movie/Album: परिचय (1972)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: किशोर कुमार

मुसाफिर हूँ यारों
ना घर है ना ठिकाना
मुझे चलते जाना है
बस चलते जाना

एक राह रुक गयी तो और जुड गयी
मैं मुड़ा तो साथ-साथ राह मुड़ गयी
हवा के परों पर मेरा आशियाना
मुसाफिर हूँ यारों...

दिन ने हाथ थाम कर इधर बिठा लिया
रात ने इशारे से उधर बुला लिया
सुबह से शाम से मेरा दोस्ताना
मुसाफिर हूँ यारों...

1 comment :

  1. इस फ़िल्म और इस गीत से गुलज़ार ने जितेंद्र की पूरी क्षवि ही बदल दी थी।

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