दिन परेशां है - Din Pareshan Hai (Sajjad Ali, Bol)

Movie/Album: बोल (2011)
Music By: सज्जाद अली
Lyrics By: अली मोइन, सज्जाद अली
Performed By: सज्जाद अली

दिन परेशां है, रात भारी है
ज़िन्दगी है के, फिर भी प्यारी है
क्या तमाशा है, कब से जारी है
ज़िन्दगी है के...

इस कहानी को, कौन रोकेगा
उम्र ये सारी कौन सोचेगा
साथ काटी है, या गुज़ारी है
ज़िन्दगी है के...

रंगों से कहूँ, लकीरों से कहूँ
मैली-मैली सी तस्वीरों से कहूँ
बेक़रार सी, बेक़रारी है
ज़िन्दगी है के...
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1 comment :

  1. meri 6 saal ki beti ka ye pasandida nagma hai...
    3 saal i thi jb se gungunati h is gaane ko..
    maasha alla...

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