दिल ढूँढता है - Dil Dhoondhta Hai (Bhupinder Singh, Lata Mangeshkar, Mausam)

Movie/Album: मौसम (1975)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: भूपिंदर सिंह, लता मंगेशकर

दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन
बैठे रहे तसव्वुर-ए-जानाँ किये हुए
दिल ढूँढता है...

जाड़ों की नर्म धूप और आँगन में लेट कर
आँखों पे खींचकर तेरे आँचल (दामन) के साये को
औंधे पड़े रहें कभी करवट लिये हुए
दिल ढूँढता है...

या गरमियों की रात जो पुरवाईयाँ चलें
ठंडी सफ़ेद चादरों पे जागें देर तक
तारों को देखते रहें छत पर पड़े हुए
दिल ढूँढता है...

बर्फ़ीली सर्दियों में किसी भी पहाड़ पर
वादी में गूँजती हुई खामोशियाँ सुनें
आँखों में भीगे-भीगे लम्हें लिये हुए
दिल ढूँढता है...

8 comments :

  1. THANKS FOR PROVIDING THE LYRICS

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  2. Wah wah. .....wah wah. ......

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  3. Great pen work by gulzar and great music by madan mohan,excellent.

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  4. thank's for providing golden lyrics
    आँखों पे खींच कर "तेरे " आँचल के साए को
    तेरे add karna padega

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  5. आँखों पे खींचकर तेरे daaman के साये को

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  6. @Dilip: Thanks. Have updated it. Daaman is for Lata's version. Aanchal is for Bhupinder's.

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  7. Heart waits for love but society don't like lovers but they want love and to be loved how strange??

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  8. Very Sweet & Touchy Words... Any body will be emotional and will fall in love.

    Above All ! Mr. Gulzar is living legend.

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