तेरी महफ़िल में किस्मत - Teri Mehfil Mein Kismat (Shamshad, Lata)

Movie/Album: मुग़ल-ए-आज़म (1960)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: शमशाद बेगम, लता मंगेशकर

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
घड़ी भर को तेरे नज़दीक आकर हम भी देखेंगे
अजी हाँ हम भी देखेंगे

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
तेरे कदमों पे सर अपना झुका कर हम भी देखेंगे
अजी हाँ हम भी देखेंगे

बहारें आज पैग़ाम-ए-मोहब्बत ले के आई हैं
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियां मुस्कुराई हैं
ग़म-ए-दिल से जरा दामन बचाकर हम भी देखेंगे
अजी हाँ...

अगर दिल ग़म से खाली हो तो जीने का मज़ा क्या है
ना हो खून-ए-जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
मोहब्बत में जरा आँसू बहाकर हम भी देखेंगे
अजी हाँ...

मोहब्बत करने वालो का है बस इतना ही अफ़साना
तड़पना चुपके-चुपके आहें भरना घुट के मर जाना
किसी दिन ये तमाशा मुस्कुरा कर हम भी देखेंगे
तेरी महफ़िल में किस्मत...

मोहब्बत हमने माना ज़िन्दगी बरबाद करती है
ये क्या कम है के मर जाने से दुनिया याद करती है
किसी के इश्क़ में दुनिया लुटाकर हम भी देखेंगे
तेरी महफ़िल में किस्मत...

1 comment :

  1. Dear Listeners -

    When I listen this Kabbali song even after so many years I recollect its verdict very much sung by late Shamshaad Begum, but in turn people ask me why u like this late Shamshad Begum only. I always reply - late Shamshaad begum was/is/will be my Begum for this renowned song even today when I listen anywhere the verdicts she sung. best regards

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