कई बार यूँ भी देखा है - Kai Baar Yun Bhi Dekha Hai (Mukesh, Rajnigandha)

Movie/Album: रजनीगंधा (1974)
Music By: सलिल चौधरी
Lyrics By: योगेश
Performed By: मुकेश

कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ने लगता है
अनजानी प्यास के पीछे
अनजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

राहों में, राहों में, जीवन की राहों में
जो खिले हैं फूल, फूल मुस्कुरा के
कौन सा फूल चुरा के
रखूँ लूँ मन में सज़ा के
कई बार यूँ भी...

जानूँ ना, जानूँ ना, उलझन ये जानूँ ना
सुलझाऊं कैसे कुछ समझ ना पाऊं
किसको मीत बनाऊ
किसकी प्रीत भुलाऊं
कई बार यूँ भी...

1 comment :

  1. This song is a great song as it shows the dilemma of a human being about his or her attraction towards two or more people simoultaneously .It is honest expression of our emotions.Its music is superb. Mukesh sang this song exellently.

    ReplyDelete

Like this Blog? Let us know!