Movie/Album: कभी अलविदा ना कहना (2006)
Music By: शंकर-एहसान-लॉय
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: शफकत अमानत अली खान
मेरे मन ये बता दे तू, किस ओर चला है तू
क्या पाया नहीं तुने, क्या ढूँढ रहा है तू
जो है अनकही, जो है अनसुनी
वो बात क्या है बता
मितवा
कहे धड़कने तुझसे क्या
मितवा
ये खुद से तो ना तू छुपा
जीवन डगर में, प्रेम नगर में
आया नज़र में जब से कोई है
तू सोचता है, तू पूछता है
जिसकी कमी थी क्या ये वही है
हाँ ये वही है, हाँ ये वही है
तू एक प्यासा और ये नदी है
काहे नहीं इसको तू खुल के बताए
जो है अनकही...
तेरी निगाहें, पा गयी राहें
पर तू ये सोचे, जाऊँ न जाऊँ
ये ज़िन्दगी जो, है नाचती तो
क्यूँ बेड़ियों में है तेरे पाँव
प्रीत की धुन पर, नाच ले पागल
उड़ता अगर है, उड़ने दे आँचल
काहे कोई अपने को ऐसे तरसाए
जो है अनकही...
मितवा - Mitwa (Shafqat Amanat Ali Khan, Kabhi Alvida Na Kehna)
Labels:
2000s
,
2006
,
Javed Akhtar
,
Kabhi Alvida Na Kehna
,
Shafqat Amanat Ali Khan
,
Shankar-Ehsaan-Loy
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