जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी - Jaane Kahan Mera Jigar Gaya Ji (Geeta Dutt, Md.Rafi)

Movie/Album: मिस्टर ऐण्ड मिसेज़ ५५ (1955)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: गीता दत्त, मो.रफ़ी

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी
अभी अभी यहीं था किधर गया जी
किसी की अदाओं पे मर गया जी
बड़ी-बड़ी अँखियों से डर गया जी

कहीं मारे डर के चूहा तो नहीं हो गया
कोने-कोने देखा न जाने कहाँ खो गया
यहाँ उसे लाए काहे को बिना काम रे
जल्दी जल्दी ढूँढो के होने लगी शाम रे
जाने कहाँ मेरा जिगर...

कोई उल्फ़त की नज़र ज़रा फेर दे
ले ले दो चार आने जिगर मेरा फेर दे
ऐसे नहीं चोरी खुलेगी तकरार से
चलो चलो थाने बताएं जमादार से
जाने कहाँ मेरा जिगर...

सच्ची-सच्ची कह दो दिखाओ नहीं चाल रे
तूने तो नहीं हैं चुराया मेरा माल रे
बातें हैं नज़र की नज़र से समझाऊंगी
पहले पड़ो पईयाँ तो फिर बतलाऊंगी
जाने कहाँ मेरा जिगर...

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