ये गलियाँ ये चौबारा - Ye Galiyan Ye Chaubara (Lata Mangeshkar, Prem Rog)

Movie/Album: प्रेम रोग (1982)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: लता मंगेशकर

ये गलियाँ ये चौबारा, यहाँ आना न दोबारा
अब हम तो भए परदेसी, के तेरा यहाँ कोई नहीं
ले जा रँग-बिरंगी यादें, हँसने रोने की बुनियादें
अब हम तो…

मेरे हाथों में भरी-भरी चूड़ियाँ, मुझे भा गई हरी हरी चूड़ियाँ
देख मिलती हैं तेरी-मेरी चूड़ियाँ, तेरे जैसी सहेली मेरी चूड़ियाँ
तूने पीसी वो मेहँदी रँग लाई, मेरी गोरी हथेली रचाई
तेरी आँख क्यों लाडो भर आई, तेरे घर भी बजेगी शहनाई
सावन में बादल से कहना, परदेस में मेरी बहना
अब हम तो भए.…

आ माँ मिल ले गले, चले हम ससुराल चले
तेरे आँगन में अपना, बस बचपन छोड़ चले
कल भी सूरज निकलेगा, कल भी पंछी गाएंगे
सब तुझको दिखाई देंगे, पर हम न नज़र आएंगे
आँचल में संजो लेना हमको, सपनों में बुला लेना हमको
अब हम तो भए...

देख तू ना हमें भुलाना, माना दूर हमें है जाना
मेरी अल्हड़ सी अठखेलियां, सदा पलकों बीच बसाना
जब बजने लगे बाजे गाजे, जब लगने लगे खाली-खाली
उस दम तू इतना समझना, मेरी डोली उठी है फूलों वाली
थोड़े दिन के ये नाते थे, कभी हँसते थे गाते थे
अब हम तो भए...

No comments :

Post a Comment

Like this Blog? Let us know!