धीरे धीरे प्यार को - Dheere Dheere Pyar Ko (Kumar Sanu, Alka Yagnik, Phool Aur Kaante)

Movie/Album: फूल और कांटे (1991)
Music By: नदीम श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: कुमार सानू, अलका याग्निक

धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है
हद से गुज़र जाना है
मुझे बस तुझसे दिल लगाना है
हद से गुज़र जाना है

ऐसी ज़िन्दगी होगी, हर तरफ ख़ुशी होगी
इतना प्यार दूँगा तुझे, ऐ मेरे सनम
अब न कोई गम होगा, ना ये प्यार कम होगा
साथी मेरे मुझको तेरे सर की है कसम
इक दूजे को आज़माना है
हद से गुज़र जाना है
धीरे धीरे प्यार को...

मैं अकेला क्या करता, ऐसे ही आन्हें भरता
तेरे प्यार के लिए तड़पता उम्र भर
जाने क्या मैं कर जाती, यूँ तड़प के मर जाती
बिन तेरे भला कैसे, कटता ये सफ़र
तेरे लिए मर के भी दिखाना है
हद से गुज़र जाना है
धीरे धीरे प्यार को...

तेरा चाँद सा मुखड़ा, तू जिगर का है टुकड़ा
तू हमारे सपनों की झील का कँवल
जान से तु है प्यारा, आँखों का तु है तारा
बिन तेरे जियेंगे अब हम न एक पल
सब कुछ तुझपे ही लुटाना है
हद से गुज़र जाना है
धीरे धीरे प्यार को...

Sad
आँसूं ना बहायेंगे, हँसी ढूंढ लाएंगे
मिलजुल के बांट लेंगे, ज़िन्दगी के गम
बच के कहाँ जायेगी
खुशियाँ लौट आएगी
हारेंगे ना वक़्त की इन आँधियों से हम
धीरे धीरे हौंसला बढ़ाना है
हद से गुज़र जाना है
धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है
हद से गुजर जाना है

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