कहो ना कहो - Kaho Na Kaho (Amir Jamal, Murder)

Movie/Album: मर्डर (2004)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: सईद क़ादरी
Performed By: आमिर जमाल

कहो ना कहो
ये आँखें बोलती हैं
ओ सनम, ओ सनम, ओ मेरे सनम
मोहब्बत के सफ़र में ये सहारा है
वफ़ा के साहिलों का ये किनारा है
कहो न कहो...
बादलों से ऊँची उड़ान उनकी
सबसे अलग पहचान उनकी
उनसे है प्यार की कहानी मंसूब
आती जाती साँसों की रवानी मंसूब

कहो ना कहो
ये आँखें बोलती हैं
ओ सनम, ओ सनम, ओ मेरे सनम
मोहब्बत के सफ़र में तू हमारा है
अँधेरे रास्तों का तू सितारा है
तू ही जीने का सहारा है
मेरी मौजों का किनारा है
मेरे लिए ये जहां है तू
तुझे मेरे दिल ने पुकारा है

कहो ना कहो
ये साँसें बोलती हैं
ओ सनम, ओ सनम, ओ मेरे सनम
लबों पे नाम तेरे बस हमारा है
ये तेरा दिल भी जाना अब हमारा है
ख्वाबों में तुझको संवारा है
जज़्बों में अपने उतारा है
मेरी ये आँखें जिधर देखें
तेरा ही तेरा नज़ारा है

No comments :

Post a Comment

Like this Blog? Let us know!