एक-एक आँख तेरी - Ek Ek Aankh Teri (Rafi, Asha, Mitti Mein Sona)

Movie/Album: मिट्टी में सोना (1960)
Music By: ओ.पी.नय्यर
Lyrics By: राजा मेहदी अली खान
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले

एक एक आँख तेरी सवा-सवा लाख की
काली-काली अँखियों में बिजली चमकती
ये ज़ुल्फें हैं, ये ज़ुल्फें हैं बादल काले
मेरे दिल पे बरसने वाले
तीखे तीखे बलमा ने
तीखे तीखे बलमा ने, देखा हँस हँस के
प्यार वाला जाल था ये, निगाहें गयी फँस रे
ना और कोई हाय, ना और कोई मुझको चुरा ले
मुझे रखना लगा के ताले

लाल-लाल गाल पे जो देख लिया तिल रे
गोरे-गोरे क़दमों में फेंक दिया दिल रे
हँस के उठा लूंगी ये, प्यार वाला दिल रे
मेरी ही ये चीज़ थी जो, मुझे गई मिल रे
मुझे गई मिल रे
एक एक आँख तेरी...

दुनिया में आशिकों का पहला ये उसूल है
आशिकी में दुनिया से डरना फ़िज़ूल है
मांग का सिन्दूर तेरे चरणों की धूल है
तेरे लिए मरना भी मुझको क़ुबूल है
मुझको कबूल है
खेत धान के राजा, चोरी-चोरी मिलने आजा

No comments :

Post a Comment

Like this Blog? Let us know!