तू ही है आशिक़ी - Tu Hi Hai Aashiqui (Arijit, Palak, Dishkiyaoon)

Movie/Album: डिष्कियाऊँ (2014)
Music By: पलाश मुछाल
Lyrics By: सनमजीत तलवार
Performed By: अरिजीत सिंह, पलक मुछाल

तू ही है आशिक़ी, तू ही आवारगी
तू ही है ज़िन्दगी, तू ही जुदा
तू इब्तेदा मेरी, तू इम्तिहाँ मेरी
तू ही मेरा जहां, तू ही जुदा
तू मेरे रूबरू, हर शय में तू ही तू
तू पहली आरज़ू, तू ही जुदा

दिल ने कहा था ना तड़पेगा
फिर आज दिल धड़के क्यूँ जाए
ख़्वाबों ने तय किया था कोना
फिर आज क्यूँ पलट वो आए

तुझमें लिखा हूँ मैं, तुझसे जुदा हूँ मैं
तू मेरा रोग है, तू ही दवा
तू ही है आशिक़ी...

आधी है रहगुज़र, आधा है आसमां
आधी है मंज़िलें, आधा है जहां
तेरा हूँ जान ले, रूह मुझसे बाँध ले
बाँहों में थाम ले, कर दे ज़िंदा
हर शय में तू, चप्पे-चप्पे में तू
ख्वाहिश में तू, क़िस्से-क़िस्से में तू
हर ज़िद्द में तू, फ़िक्रों-ज़िक्रों में तू
तू ही है आशिक़ी...

सौंधी सी बातें हैं, राहत से नाते हैं
रिश्ता सुकून से फिर है जुड़ा
फिर मीठी धूप है, फिर तेरी छाँव है
अपनी हर साँस तुझपे दूँ लुटा
रग-रग में तू, ज़र्रे-ज़र्रे में तू
नस-नस में तू, कतरे-कतरे में तू
तुझमें हूँ मैं, मुझमें बसी है तू

पूरी है रहगुज़र, पूरा है आसमां
पूरी है ज़िन्दगी, पूरा जहां
संग तेरे रास्ता, सदियों का वास्ता
फिर से जीने की एक तू ही वजह
तुझमें लिखी हूँ मैं, तुझसे जुड़ी हूँ मैं
तू मेरा रोग है, तू ही दवा
तू ही आशिकी है, तू ही आवारगी
हम आज हमनशीं, अब हों ज़िन्दा
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