सिन्धु माँ - Sindhu Maa (A.R.Rehman, Sanah Moidutty, Mohenjo Daro)

Movie/Album: मोहेन्जो दारो (2016)
Music By: ए.आर.रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: ए.आर.रहमान, सनाह मोइदुत्ती

तू है सिन्धु माँ
यूँ ही बहती रहना
दुःख जो हो हमको तो
तुझसे ही तो कहना है सुन माँ

सुन ले ये पुकार तू भी सुन ले
तेरे मन के नगर में बजा है
अनोखा दननन दननन दननन दनका
तू तेरे लिए में है
मेरे लिए तू हैं
संग रहे हम दोनों
संगिनी मेरा तन भी मन भी
धन भी, जीवन भी
तेरे लिए, बस तेरे लिए
मेरी धरती, मेरा गगन, तेरे लिए है
तू है, तेरा ये संसार सारा
मैं और मेरा प्यार सारा
तेरे ही लिए है...
तू है, के जग में रंग जैसे
रुत में है तरंग जैसे
तू है तो, तू है तो

गगन-गगन लहर-लहर बहे ये चांदनी
ओ धरा पे जागी ज्योति है तेरी
हो नयन-नयन घुली हुई है कामना कोई
नहीं, नहीं कोई तुझसा है ही नहीं
तू है तेरा ये...

चलते-चलते किसी डगर में
जैसे अचानक मोड़ आता है
यूँ ही कोई एक ही पल में
सब कुछ पीछे छोड़ आता है
चन कजकारा, मेरा मन बंजारा, तू मेरे
प्रेम भरी धुन मेरे, मन की जो सुन, झूमे रे
पास आ के भी क्यूँ मौन है तू
ये तो कह दे मेरी कौन है तू
बोलते हैं नयन, मौन हूँ मैं
अपने नैनों से सुन, कौन हूँ मैं
तू है मेरा ये...
Print Friendly and PDF

No comments :

Post a Comment

यह वेबसाइट/गाना पसंद है? तो कुछ लिखें...