Movie/Album: कसूर (2001)
Music By: नदीम श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अलका याग्निक, कुमार सानू
देखा जो तुमको ये दिल को क्या हुआ है
मेरी धड़कनों पे ये छाया क्या नशा है
मोहब्बत हो ना जाये
दीवाना खो ना जाये
संभालू कैसे इसको, मुझे तू बता
देखा जो तुमको...
भीगी-भीगी अलकों से, चोरी-चोरी पलकों से
क्यूँ मेरा सपना चुराये
झुकी-झुकी अँखियों से, धीरे-धीरे बतियों से
क्यूँ मुझे अपना बनाये
मेरी नज़रों पे छाये, खुशबू के जैसे आये
मेरा तन-मन महकाये
साँसों में ये पल-पल, जाने कैसी हलचल
कुछ भी समझ में ना आये
शरारत हो ना जाये
मोहब्बत हो ना जाये...
मेरी है ये मुश्किल, अब तो ये मेरा दिल
बस में हुज़ूर नहीं है
इतना बता दे मुझे, कैसे समझाऊँ तुझे
मेरा ये कुसूर नहीं है
चाहें हम चाहें भी तो, पहरे लगाये भी तो
कैसे दिन-रात को रोकें
आग बिना ये जले, ज़ोर ना कोई चले
कैसे जज़्बात को रोकें
यूँ चाहत हो ना जाये
मुहब्बत हो ना जाये...
Music By: नदीम श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अलका याग्निक, कुमार सानू
देखा जो तुमको ये दिल को क्या हुआ है
मेरी धड़कनों पे ये छाया क्या नशा है
मोहब्बत हो ना जाये
दीवाना खो ना जाये
संभालू कैसे इसको, मुझे तू बता
देखा जो तुमको...
भीगी-भीगी अलकों से, चोरी-चोरी पलकों से
क्यूँ मेरा सपना चुराये
झुकी-झुकी अँखियों से, धीरे-धीरे बतियों से
क्यूँ मुझे अपना बनाये
मेरी नज़रों पे छाये, खुशबू के जैसे आये
मेरा तन-मन महकाये
साँसों में ये पल-पल, जाने कैसी हलचल
कुछ भी समझ में ना आये
शरारत हो ना जाये
मोहब्बत हो ना जाये...
मेरी है ये मुश्किल, अब तो ये मेरा दिल
बस में हुज़ूर नहीं है
इतना बता दे मुझे, कैसे समझाऊँ तुझे
मेरा ये कुसूर नहीं है
चाहें हम चाहें भी तो, पहरे लगाये भी तो
कैसे दिन-रात को रोकें
आग बिना ये जले, ज़ोर ना कोई चले
कैसे जज़्बात को रोकें
यूँ चाहत हो ना जाये
मुहब्बत हो ना जाये...
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