Movie/Album: पुराना मंदिर (1984)
Music By: अजित सिंह
Lyrics By: अमित खन्ना
Performed By: आशा भोंसले, अजित सिंह
अजित सिंह
वो बीते दिन याद हैं, वो पल छिन याद हैं
गुज़ारे तेरे संग जो, लगाके तुझे अंग जो
वो मुस्काना तेरा, वो शरमाना तेरा
दिसम्बर का समां, वो भीगी-भीगी सर्दियाँ
वो मौसम क्या हुआ, ना जाने कहाँ खो गया
बस यादें बाकी...
वो बातें सब याद हैं, वो रातें सब याद हैं
बिताई तेरे संग जो, लगा के तुझे अंग जो
मुझसे लिपटना तेरा, पलकें झुकाना तेरा
अभी है दिल में मेरे होठों की वो नर्मियां
आग लगा के तुम ना जाने कहाँ खो गए
बस यादें बाकी...
आशा भोंसले
वो बीते दिन याद हैं, वो पल छिन याद हैं
गुज़ारे तेरे संग जो, लगा के तुझे अंग जो
बाहों में तेरी सिमटना वो मेरा
ज़ुल्फों में मेरी लिपटना वो तेरा
समय सब ले गया, बस यादें दे गया
क्यों टूटे सपनें
वो गुज़री ज़िन्दगी, तेरी-मेरी ख़ुशी
मोहब्बत का जहां, वो चाहत का समां
सरकती चिलमनें, दहकती धड़कनें
वो नगमें साथ-साथ, जो हमने थे बुने
वो थक के सो गये, हवा में खो गये
क्यों टूटे सपनें
वो बीते दिन याद हैं, वो पल छिन याद हैं
गुज़ारे तेरे संग जो, लगा के तुझे अंग जो
दूरी भी नहीं, मगर हम दूर हैं
यादों से बंधे हम मजबूर हैं
क्या खोया क्या मिला, करें अब क्या गिला
क्यों टूटे सपनें
Music By: अजित सिंह
Lyrics By: अमित खन्ना
Performed By: आशा भोंसले, अजित सिंह
अजित सिंह
वो बीते दिन याद हैं, वो पल छिन याद हैं
गुज़ारे तेरे संग जो, लगाके तुझे अंग जो
वो मुस्काना तेरा, वो शरमाना तेरा
दिसम्बर का समां, वो भीगी-भीगी सर्दियाँ
वो मौसम क्या हुआ, ना जाने कहाँ खो गया
बस यादें बाकी...
वो बातें सब याद हैं, वो रातें सब याद हैं
बिताई तेरे संग जो, लगा के तुझे अंग जो
मुझसे लिपटना तेरा, पलकें झुकाना तेरा
अभी है दिल में मेरे होठों की वो नर्मियां
आग लगा के तुम ना जाने कहाँ खो गए
बस यादें बाकी...
आशा भोंसले
वो बीते दिन याद हैं, वो पल छिन याद हैं
गुज़ारे तेरे संग जो, लगा के तुझे अंग जो
बाहों में तेरी सिमटना वो मेरा
ज़ुल्फों में मेरी लिपटना वो तेरा
समय सब ले गया, बस यादें दे गया
क्यों टूटे सपनें
वो गुज़री ज़िन्दगी, तेरी-मेरी ख़ुशी
मोहब्बत का जहां, वो चाहत का समां
सरकती चिलमनें, दहकती धड़कनें
वो नगमें साथ-साथ, जो हमने थे बुने
वो थक के सो गये, हवा में खो गये
क्यों टूटे सपनें
वो बीते दिन याद हैं, वो पल छिन याद हैं
गुज़ारे तेरे संग जो, लगा के तुझे अंग जो
दूरी भी नहीं, मगर हम दूर हैं
यादों से बंधे हम मजबूर हैं
क्या खोया क्या मिला, करें अब क्या गिला
क्यों टूटे सपनें
nice song.....
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