कितने अजीब रिश्ते हैं - Kitne Ajeeb Rishte Hain (Lata Mangeshkar, Suresh Wadkar, Page 3)

Movie/Album: पेज 3 (2005)
Music By: शमीर टंडन
Lyrics By: संदीप नाथ
Performed By: लता मंगेशकर, सुरेश वाडकर

कितने अजीब रिश्ते हैं यहाँ पे
दो पल मिलते हैं, साथ-साथ चलते हैं
जब मोड़ आये तो, बच के निकलते हैं
कितने अजीब रिश्ते हैं...

यहाँ सभी अपनी ही धुन में दीवाने हैं
करे वही जो अपना दिल ठीक माने है
कौन किसको पूछे, कौन किसको बोले
सबके लबों पर अपने तराने हैं
ले जाये नसीब किसको कहाँ पे
कितने अजीब रिश्ते हैं...

ख्वाबों की ये दुनिया है, ख्वाबों में ही रहना है
राहें ले जाये जहाँ संग-संग चलना है
वक़्त ने हमेशा यहाँ नए खेल खेले हैं
कुछ भी हो जाये यहाँ, बस खुश रहना है
मंज़िल लगे करीब सबको यहाँ पे
कितने अजीब रिश्ते हैं...

Slow
ठोकर भी खाना है, चलते भी जाना है
वादा किया तो वो, किसको निभाना है
यहाँ सबको सारे दाँव आज़माने हैं
सभी एक दूजे से ज़्यादा सयाने हैं
कितने अजीब रिश्ते हैं...

1 comment :

  1. Superb song sung by lataji and Suresh ji, also superb lyrics

    ReplyDelete

यह वेबसाइट/गाना पसंद है? तो कुछ लिखें...