ऐ ख़ुदा - Aye Khuda (Mithoon, Saim, Kshitij Tarey, Murder 2)

Movie/Album: मर्डर २ (2011)
Music By: मिथुन
Lyrics By: मिथुन
Performed By: मिथुन, सैम भट्ट, क्षितिज तारे

कैसी खला ये दिल में बसी है
अब तो खताएँ फितरत ही सी है
मैं ही हूँ वो जो रहमत से गिरा
ऐ खुदा, गिर गया, गिर गया
मैं जो तुझसे दूर हुआ
लुट गया, लुट गया
ऐ खुदा, ऐ खुदा

इतनी ख़ताएँ तू ले कर चला है
दौलत ही जैसे तेरा अब खुदा
हर पल बिताए जैसे तू हवा है
गुनाह के साये में चलता रहा
समंदर सा बह कर तू चलता ही गया
तेरी मर्ज़ी पूरी की तूने हर दफ़ा
तू ही तेरा मुज़रिम बन्देया
ऐ खुदा, गिर गया...

क्यूँ जुड़ता इस जहां से तू
इक दिन ये गुज़र ही जायेगा
कितना भी समेट ले यहाँ
मुठ्ठी से फिसल ही जायेगा
हर शख्स है धूल से बना
और फिर उसमें ही जा मिला
ये हकीकत है तू जान ले
क्यूँ सच से मुँह है फेरता
चाहे जो भी हसरत पूरी कर ले
रुकेगी ना फितरत ये समझ ले
मिट जायेगी तेरी हस्ती
बढ़ ना पायेगा ये दिल बन्देया
ऐ खुदा, गिर गया...

गर तू सोचे तू है गिरा
मेरे हाथ को थाम उठा ज़रा
तेरे दिल के दर पे हूँ खड़ा
मुझको अपना ले तू ज़रा
तू कहे तू है साये से घिरा
तेरी राहों का मैं नूर हूँ
तेरे गुनाह को खुद पे ले लिया
मेरी नज़रों में बेक़सूर तू
ऐसा कोई मंज़र तू दिखला दे
मुझे कोई शख्स से मिलवा दे
ऐसा कोई दिल से तू सुनवा दे
के ज़ख़्म कोई उसे ना मिला
ऐ खुदा, गिर गया...
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