मुझे पीने का शौक नहीं - Mujhe Peene Ka Shauk Nahin (Shabbir Kumar, Alka Yagnik, Coolie)

Movie/Album: कुली (1983)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: शब्बीर कुमार, अलका याग्निक

मुझे पीने का शौक़ नहीं, पीता हूँ ग़म भुलाने को
तेरी यादें मिटाने को, पीता हूँ ग़म भुलाने को
मुझे पीने का शौक़ नहीं...

मुझे पीने का शौक़ नहीं, पीती हूँ ग़म भुलाने को
तेरी यादें मिटाने को, पीती हूँ ग़म भुलाने को
मुझे पीने का शौक़ नहीं...

लाखों में हज़ारों में, इक तू ना नज़र आई
तेरा कोई ख़त आया, न कोई खबर आई
क्या तूने भुला डाला, अपने इस दीवाने को
मुझे पीने का शौक़ नहीं...

खोई वो किताब-ए-दिल, जिस दिल का है ये क़िस्सा
एक हिस्सा है पास मेरे, तेरे पास है एक हिस्सा
मैं पूरा करूँ कैसे, इस दिल के फ़साने को
मुझे पीने का शौक़ नहीं...

मिल जाते अगर अब हम, आग लग जाती पानी में
बचपन सी वही दोस्ती, हो जाती जवानी में
चाहत में बदल देते, हम इस दोस्ताने को
मुझे पीने का शौक़ नहीं...
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