Movie/Album: यमला पगला दीवाना (2011)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: अनु मलिक
Performed By: दलेर मेहंदी, ममता शर्मा, मास्टर सलीम
खोली जो बोतल तूने यारा, ओये दिल पे बिजली कौंधी
दुनिया हमरे पीछे है और हम, तुझपे होली होली
अम्मा तेरी भैंस को ले जायेंगे पटना
और इसी भैंस के साथ होगी घटना
मेरी चमकी मस्त जवानी का है चर्चा सभी दुकानों में
देखे कई छिछोरे तुझसे, मैंने इन्हीं ठिकानो में
ओ तेरी चमकी जवानी का है चर्चा गली-गली दुकानों में
उठा के ले जायेंगे तुझे हम तान के पिस्तल कानों पे
तू क्या ले जायेगा मुझे, तू तो सड़ेगा जा के थानों में
हमरी धुन पे नाच ले चमकी, सरत लगी दीवानों में
हम चोर हैं पक्के ज़ुबानों के, मत छोड़ ये तीर कमानों से
ढाई किलो के हाथ की महिमा जाने दुनिया सारी
चुप्पी-चुप्पी आती है या दूँ मैं खर्चा पानी
मौकु समझ ना आये लल्लू तेरी टेढ़ी बातें
छेड़े और सताएँ तेरे बंडल फेंक इशारे
ठर्रे सी कर बात तू छमिया, ना कर बात मलाजी
हमरी धुन पे नाच ले...
छलका जाम आइए आपकी आँखों के नाम
होंठो के नाम, होंठो के नाम
चोर नज़र का पड़ा जो डाका दिल की चोरी हो गयी
पहले थी मैं शक्कर सी, अब नमक की बोरी हो गयी
तू तो लागे पान के जैसी हमरे मन को लुभाती
आँखे तेरी कत्थे जैसी बातें चूना लगाती
फ्री फण्ड में मिले ना बाबू, चख ले पान बनारसी
तू क्या ले जायेगा मुझे...
हम जैसे ना है ना ज़माने में
जा के मुँह धो के आ पहले नाले में
अरे इतना तू काहे अकड़ती है
मैं हूँ सर्दी सी जो हो जकड़ती है
तेरी बातें गरम मसाला है, जिसको तड़के में डाला है
तू दिल बस तू चुपके से नहीं अब तू पीटने वाला है
अच्छा बाबा मान गए हम, तुझसा ना है ज़माने में
हमरी धुन पे नाच ले चमकी धूम मची दीवानों में
तू ही ले जाएगा मुझे, मैं भी चलूँगी संग तेरे थानों में
हम चोर हैं पक्के ज़ुबानों...
मेरी चमकी मस्त जवानी का है...
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: अनु मलिक
Performed By: दलेर मेहंदी, ममता शर्मा, मास्टर सलीम
खोली जो बोतल तूने यारा, ओये दिल पे बिजली कौंधी
दुनिया हमरे पीछे है और हम, तुझपे होली होली
अम्मा तेरी भैंस को ले जायेंगे पटना
और इसी भैंस के साथ होगी घटना
मेरी चमकी मस्त जवानी का है चर्चा सभी दुकानों में
देखे कई छिछोरे तुझसे, मैंने इन्हीं ठिकानो में
ओ तेरी चमकी जवानी का है चर्चा गली-गली दुकानों में
उठा के ले जायेंगे तुझे हम तान के पिस्तल कानों पे
तू क्या ले जायेगा मुझे, तू तो सड़ेगा जा के थानों में
हमरी धुन पे नाच ले चमकी, सरत लगी दीवानों में
हम चोर हैं पक्के ज़ुबानों के, मत छोड़ ये तीर कमानों से
ढाई किलो के हाथ की महिमा जाने दुनिया सारी
चुप्पी-चुप्पी आती है या दूँ मैं खर्चा पानी
मौकु समझ ना आये लल्लू तेरी टेढ़ी बातें
छेड़े और सताएँ तेरे बंडल फेंक इशारे
ठर्रे सी कर बात तू छमिया, ना कर बात मलाजी
हमरी धुन पे नाच ले...
छलका जाम आइए आपकी आँखों के नाम
होंठो के नाम, होंठो के नाम
चोर नज़र का पड़ा जो डाका दिल की चोरी हो गयी
पहले थी मैं शक्कर सी, अब नमक की बोरी हो गयी
तू तो लागे पान के जैसी हमरे मन को लुभाती
आँखे तेरी कत्थे जैसी बातें चूना लगाती
फ्री फण्ड में मिले ना बाबू, चख ले पान बनारसी
तू क्या ले जायेगा मुझे...
हम जैसे ना है ना ज़माने में
जा के मुँह धो के आ पहले नाले में
अरे इतना तू काहे अकड़ती है
मैं हूँ सर्दी सी जो हो जकड़ती है
तेरी बातें गरम मसाला है, जिसको तड़के में डाला है
तू दिल बस तू चुपके से नहीं अब तू पीटने वाला है
अच्छा बाबा मान गए हम, तुझसा ना है ज़माने में
हमरी धुन पे नाच ले चमकी धूम मची दीवानों में
तू ही ले जाएगा मुझे, मैं भी चलूँगी संग तेरे थानों में
हम चोर हैं पक्के ज़ुबानों...
मेरी चमकी मस्त जवानी का है...
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