ठहरी सी ज़िन्दगी - Thehree Si Zindagi (Ali Zafar, Aditi Rao Hydari, London Paris NewYork)

Movie/Album: लंदन पेरिस न्यू यॉर्क (2012)
Music By: अली ज़फ़र
Lyrics By: अली ज़फ़र
Performed By: अली ज़फ़र, अदिति राव हयादरी

ठहरी सी सहमी सी है ज़िन्दगी उड़ने दो
बहती नदी से थोड़ी सी नमी चुनने दो
ख़ामोशी सुनने दो, ख़्वाबों को बुनने दो
हथेलियों पे लिखी दास्ताँ बदलने दो

मद्धम सी मदहोशी धीमी सी सरगोशी
सुन सको तो सुनो दिल की ताल
यूँ ही ना होता बार-बार
कैसी सहर है ये, कैसा असर है बता
बिन बोले बिन जाने हमको सभी है पता
थोड़ा सा दर्द है साँस भी सर्द है
पर तेरा आशियाँ मिल गया चाहिए क्या

सिमटी-सिमटी सोंधी सी है दोपहर
बेचैनियों में डूबी सी है ये लहर
छायी है चाशनी पर है कोई कमी
हो सुकूँ जिस जगह पाया है तुम्हें वहाँ

बाँहों में ले के तुम्हें कुछ न कुछ बोल दें
चाहत की नदिया में चाँदी का रस घोल दें
आओ ना साथ दो मुझको परवाज़ दो
कोई मीठी सी कानों में आवाज़ दो
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