रात का नशा - Raat Ka Nasha (Chitra, Asoka)

Movie/Album: अशोका (2001)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: चित्रा

रात का नशा अभी, आँख से गया नहीं
तेरा नशीला बदन, बाहों ने छोड़ा नहीं
आँखें तो खोली मगर, सपना वो तोड़ा नहीं
हाँ वो ही, वो वो ही
साँसों पे रखा हुआ तेरे होठों का
सपना अभी है वहीं
रात का नशा...

तेरे बिना भी कभी, तुझसे मचल लेती हूँ
करवट बदलती हूँ तो, सपना बदल लेती हूँ
तेरा ख्याल आए तो, बलखा के पल जाता है
पानी के चादर तले, दम मेरा जल जाता है
हाँ वो ही...

तेरे गले मिलने के, मौसम बड़े होते हैं
जनमों का वादा कोई, ये गम बड़े छोटे हैं
लंबी सी इक रात हो, लंबा सा इक दिन मिले
बस इतना सा जीना हो, मिलन की घड़ी जब मिले
हाँ वो ही...

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