सूरज हुआ मद्धम - Suraj Hua Maddham (Sonu Nigam, Alka Yagnik, Kabhi Khushi Kabhie Gham)

Movie/Album: कभी खुशी कभी गम (2001)
Music By: संदेश शांडिल्य
Lyrics By: अनिल पांडे
Performed By: सोनू निगम, अल्का यागनिक

सूरज हुआ मद्धम चाँद जलने लगा
आसमां ये हाए क्यूँ पिघलने लगा
सूरज हुआ मद्धम...
मैं ठहरा रहा ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल साँस थमने लगी
हो क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है
सजना क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है

सूरज हुआ मद्धम चाँद जलने लगा
आसमां ये हाए क्यूँ पिघलने लगा
मैं ठहरी रही ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल साँस थमने लगी
हो क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है
सजना क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है

है खूबसूरत ये पल, सबकुछ रहा है बदल
सपने हकीकत में जो ढल रहे हैं
क्या सदियों से पुराना, है रिश्ता ये हमारा
के जिस तरह तुमसे हम मिल रहें हैं
यूँ ही रहे हर दम, प्यार का मौसम
यूँ ही मिलो हमसे, तुम जनम-जनम
मैं ठहरा रहा...

तेरे ही रंग से यूँ, मैं तो रंगी हूँ सनम
पा के तुझे खुद से ही खो रहीं हूँ सनम
ओ माहिया, वे तेरे इश्क में
हाँ डूब के पार मैं हो रही हूँ सनम
सागर हुआ प्यासा, रात जगने लगी
शोलों के दिल में भी आग जलने लगी
मैं ठहरी रही...

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