Movie/Album: दो और दो पाँच (1980)
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: अंजान
Performed By: आशा भोंसले
ये ज़ुल्फ़ों की बिखरी घटा क्या कहती है
ज़रा सुन मेरा दिल दीवाना क्या बोले रे
ये आँचल की महकी हवा क्या कहती है
निगाहों का यूँ मुस्कुराना क्या बोले रे
आते जाते मुझको देखे, ना करे प्यार की बात कोई
तेरा दिल भी कहता होगा, हो दिलरुबा साथ कोई
ये होठों पे रुकती सदा क्या कहती है
ये साँसों का गुमसुम तराना क्या बोले रे
ऐसे तन्हाँ तुझको पा के, दिल में कोई प्यास जागे
दिल पे क़ाबू ना रह जाए, पल भर तेरे पास आ के
ये लहराती बलखाती बाहें क्या कहती हैं
ये कदमों का यूँ डगमगाना क्या बोले रे
ये ज़ुल्फ़ों की बिखरी घटा...
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: अंजान
Performed By: आशा भोंसले
ये ज़ुल्फ़ों की बिखरी घटा क्या कहती है
ज़रा सुन मेरा दिल दीवाना क्या बोले रे
ये आँचल की महकी हवा क्या कहती है
निगाहों का यूँ मुस्कुराना क्या बोले रे
आते जाते मुझको देखे, ना करे प्यार की बात कोई
तेरा दिल भी कहता होगा, हो दिलरुबा साथ कोई
ये होठों पे रुकती सदा क्या कहती है
ये साँसों का गुमसुम तराना क्या बोले रे
ऐसे तन्हाँ तुझको पा के, दिल में कोई प्यास जागे
दिल पे क़ाबू ना रह जाए, पल भर तेरे पास आ के
ये लहराती बलखाती बाहें क्या कहती हैं
ये कदमों का यूँ डगमगाना क्या बोले रे
ये ज़ुल्फ़ों की बिखरी घटा...
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