आवारगी हमारी - Aawargi Hamari (Talat Aziz, Yeh Nazdeekiyan)

Movie/Album: ये नज़दीकियाँ (1982)
Music By: रघुनाथ सेठ
Lyrics By: विनोद पांडे
Performed By: तलत अज़ीज़

आवारगी हमारी प्यारी सी थी कभी जो
वही आज हमको रुलाने लगी है
जो भरती थी दिल में तरंगे हमेशा
वही आज जी को जलाने लगी है
आवारगी हमारी...

न कोई ग़म न गिला, न कोई शुबह के निशाँ
पायी थी हर खुशी हर सुकूँ हमको था
नग़मे थे, बहारों के तरन्नुम हर कहीं
फिर भी क्यों हम भटका किये
ये तू ही बता, आवारगी, आवारगी
आवारगी हमारी...

खामोशियाँ हैं हर तरफ़, तन्हाईयाँ हैं हर तरफ़
यादों के भँवर से अब कैसे निकलें
साथी न रहा कोई न कोई हमसफ़र
ज़िंदगी के सफ़े पर लिखने को
है अब तो बस आवारगी, आवारगी
आवारगी हमारी...

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