Music By: शाश्वत सचदेव
Lyrics By: इरशाद कामिल
Performed By: जुबिन नौटियाल
मैं ना रहा, मेरे बाद में
मिलेगा न इश्क यहाँ
वो इश्क जो
इन दोनों जहां के भी न मिले दरमियाँ
साया हूँ मैं, मैं साँस हूँ
तेरे साथ हूँ मैं
जाएगी अब तू जहाँ
मैं ना रहा तो क्या हुआ
तेरे पास है इश्क मेरा
जो मैं न रहा, तो क्या हुआ
मैं आख़िरी
मैं आख़िरी हूँ इश्क तेरा
मैं ना रहा...
तू भी रहेगी तू ना, मैं न रहा तो
आँगन आँखों में सूना, मैं न रहा तो
शीशा जो देखो तो भीगे बालों को
मेरे हाथों से छूना, मैं ना रहा तो
बहुत ख़ूब हूँ, बहुत ख़ास हूँ
अभी पास हूँ, तो पूरी करें दोनों दास्ताँ
ये दास्ताँ तेरी मेरी
कोई भी ना जाने
सच है या सच का गुमाँ
मैं ना रहा...
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