Music By: मंगेश धाकड़े
Lyrics By: दुष्यंत
Performed By: स्वानंद किरकिरे
कल के लिए लड़े आज से
छोटे पंख अब अड़े बाज़ से
छोड़ के डर लोक लाज के
पाँव ज़मीं पर नज़रें ताज पे
खोल पंख अब मार उड़ारी
तोड़ के पिंजरा हवा सवारी
हवा सवारी सवारी...
चिड़ी चिड़ी तो उड़ी उड़ी
चिड़ी चिड़ी तो उड़ी उड़ी
चिड़ी चिड़ी...
तीन लोक दस दिशा साथ में
डोर हाथ में असर बात में
बज गया डंका कायनात में
सूरज लाई बीच रात में
एक अचम्भा देखो रे भारी
साइकिल की करे शेर सवारी
चिड़ी चिड़ी...
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