जागो जागो बकरे - Jaago Jaago Bakre (Vishal Dadlani, Pushpa: The Rise)

Movie/Album: पुष्पा: द राइज़ पार्ट-01 (2021)
Music By: देवी श्री प्रसाद
Lyrics By: रक़ीब आलम
Performed By: विशाल ददलानी

पत्तियाँ खातीं हैं किरणें
पत्तियों को खाता है बकरा
बकरे को शेर दबोचे
भूख से कोई न बचे

मौत का शेर पे काबू
समय का मौत पे काबू
काली समय को रचे
महा भूख फिर मचे

भागे शिकार जिधर
पीछे दौड़े शिकारी उधर
जीता शिकार, जी लेगा एक दिन
हारा शिकारी तो जीना नामुमकिन

एक जान की भूख मिटाने को
एक जान की मौत ज़रूरी है
हे जागो जागो बकरे
शेर आया तो कर देगा टुकड़े, हुई

चेरा है मछली का चारा
दाना है मुर्गी का चारा
हड्डी है कुत्तों का चारा
जीवन है ये इंसानों का चारा

काली की पूजा जो करे
जानवर जो बलि चढ़े
लहू से खंजर शुद्ध करे
देवी करे भी तो क्या करे
यही है दुनिया, क्या करे

रहना तू होशियार नहीं तो
खाएगा चारा तुझ को
जीना है तो भूख बढ़ा के
खा ले तू खुद चारे को, हा

भूख ना देखे भला बुरा
नीति ना धरम
होगा उसका राज यहाँ पे
जिसमें है रे दम
हे जागो जागो बकरे...

मांगे से मिला है किसको
मांगो तो कहेगा खिसको
उठा उठा के पटको
जो चाहे वो मिलेगा तुझको

लात जो काम करेगा
भाई भी न कर पाएगा
मुक्का जो पाठ पढ़ाए
बुद्ध तकता रह जाए रे

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