Music By: ए आर रहमान
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: श्रेया घोषाल
ए बीकानेरी छोकरी संतरे की टोकरी
घर तो छुड़वाया अब क्या छुड़ाएगी नौकरी
रोमियो रोमियो गली के रोमियो
भोली शक़ल वाले
सारे के सारे फरेबियों
रोमियो रोमियो
भाड़े के प्रेमियों
काहे गले पड़े हो
बिन बुलाए बारातियों
ले तो गयी कलेजा
संग में हमें भी ले जा
ये तो चोरी पे है सीनाज़ोरी
कभी लगे मोनालिसा
कभी कभी लगे लोलिटा
और कभी जैसे कादंबरी
हाए मेरी परम परम
परम परम परम सुंदरी
सर से पैर तलक़ बेतहाशा हुस्न से भरी
हाए मेरी, परम परम...
पैरों में पायल की बेड़ी से
बँधके मैं न रहने वाली
मैं अल्लहड़ पुरवा के जैसी हूँ
परदेसों तक बहने वाली
मुझे गहनों से बढ़के
सपनों की चाहत है
जिन सपनों को सच
हो जाने की आदत है
कट्टी है मेरी मर्दों से
यारी फिल्मों के पर्दों से
ले तो गयी कलेजा
संग में हमें भी ले जा
ये तो चोरी पे है सीनाज़ोरी
कभी लगे मोनालिसा...
हाए मेरी परम परम...
ए छूना नहीं, छूना छूना नहीं
छूना छूना नहीं मुझको
होना नहीं, होना होना नहीं
तेरी होना नहीं मुझको
हथ जोड़ चाहे पाँव पड़
परवाह नहीं मुझको...
ए बीकानेरी छोकरी, संतरे की टोकरी
घर तो छुड़वाया, अब क्या छुड़ाएगी नौकरी
देख के कमर तेरी, भागे नब्ज़ मेरी
जैसे घड़ी का काँटा
हिकरी डिक्केरी डॉकरी
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