Music By: हरिहरन
Lyrics By: हकीम नासिर
Performed By: हरिहरन
साक़िया जाएँ कहाँ हम तेरे मयख़ाने से
शहर के शहर नज़र आते हैं वीराने से
साक़िया जाएँ कहाँ...
ये जो कुछ लोग नज़र आते हैं दीवाने से
इनको मतलब है न साक़ी से, न पैमाने से
साक़िया जाएँ कहाँ...
जोड़ कर हाथ ये साक़ी है गुज़ारिश मेरी
मुझको आँखों से पिला, ग़ैर को पैमाने से
साक़िया जाएँ कहाँ...
मुझको आते हुए 'नासिर' तो सभी ने देखा
देखा जाते न किसी ने मुझे मयख़ाने से
साक़िया जाएँ कहाँ...
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