Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, रोचक कोहली
Lyrics By: जावेद अख्तर, मनोज मुंतशिर
Performed By: रोचक कोहली, सौमित्र देव बर्मन
थोड़ी बारिश हो गई तो आसमाँ धुल गया
बादलों के बीच कोई रास्ता खुल गया
रोने से कभी डरना तू नहीं
गुनगुनगा जो तेरा गीत है
ज़िन्दगी की यही रीत है
हार के बाद ही जीत है
थोड़े आँसू है, थोड़ी हँसी
आज ग़म है, तो कल है ख़ुशी
ज़िन्दगी की यही रीत है...
ये हवा तो चल रही है
पर इसके पाँव हैं कहाँ
मछलियाँ घर जा रही हैं
इनके गाँव हैं कहाँ
ये जो पहेली, बड़ी अलबेली
चलो मिल के सुलझाएँ हम
फ्रेंडशिप वोह शिप है
जो डूबे कभी ना
चलो दोस्त बन जाए हम
हो संग तेरे खेले
जो छोड़े ना अकेले
वही तो तेरा मीत है
ज़िन्दगी की यही रीत है...
No comments :
Post a Comment
यह वेबसाइट/गाना पसंद है? तो कुछ लिखें...