Music By: गौरव चटर्जी
Lyrics By: संदीप गौड़
Performed By: शिल्पा राव
ठहर इक पहर
साँस ले ये ज़िंदगी
लहर खींचे लहर
हाथ दे ज़िंदगी
गुज़र जो गया
उसे बीत जाने दे
आए जो नींद तो
ख़्वाब आने दे
ठहर इक पहर
साँस ले ज़िंदगी
मिले अब तो मिले
कोई थपकी सुकून की
खुले अब तो खुले
कोई खिड़की धूप की
अधूरा कुछ रहा
तो रह जाने दे
आए जो नींद तो
ख़्वाब आने दे
ठहर इक पहर...
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