Music By: डैनियल बी. जॉर्ज
Lyrics By: स्वानंद किरकिरे
Performed By: सचेत टंडन, उज्ज्वल कश्यप
उड़ चला बादल नया
आंधियों के दरमियाँ
आसमाँ मुट्ठी में ले
और जहां कदमों तले
सारी दिशाएँ सजदा करें
बहती हवाएँ रुक के कहें
जुगनू ने सूरज बुझा दिया
उड़ चला...
वो ज़िद पे था अड़ा रे
इसलिए उड़ा रे
उसे आंधियां तूफां
कोई भी रोक ना पाया
वो खुद से था जुड़ा रे
डट के था खड़ा रे
सोच ना पाया कोई
वो कर के दिखलाया
ले हौंसला, वो चल पड़ा
तिनका समंदर से लड़ा
उड़ चला...
मेरी उंगली थामे थामे
कभी चलना सीखा था जिसने
मेरा हाथ थामे वो मुझे
अब चलना सिखलाए
वो खिलाफ थे जब सारे
हिम्मत से वो लड़ा रे
वो सर उठा के कैसे जीना
सबको दिखलाए
ले हौंसला, वो चल पड़ा
तिनका समंदर से लड़ा
उड़ चला...
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