Movie/Album: विक्रम वेधा (2022)
Music By: विशाल-शेखर
Lyrics By: मनोज मुन्तशिर
Performed By: अनन्या चक्रवर्ती, स्निग्धाजीत भौमिक, विशाल-शेखर
मैं शिरीं हूँ
हर बंदे को
फरहाद करके जाऊँगी
बरबाद करने आई हूँ
बरबाद करने आई हूँ
बरबाद करके जाऊँगी
चलो जी उड़ गया गरदा
चाल सुबह से है
बेहाल सुबह से है
उबाल सुबह से एक लहू में
जोश में लड़खड़ाए
होश हुए खानाबदोश
कहाँ है काबू में
था ना पीने का वादा
फिर भी हो गई थोड़ी ज्यादा
तेरी आँखें हैं नशे की गोलियाँ
आज मौसम अल्कोहोलिया हो लिया
मुँह धो के मदिरा से
झूम रहे हैं प्यासे
मौज में आए हैं जियाले
गिन के पीयेंगे नहीं
पी के गिनेगे आज
लाओ भर भर के प्याले
तेरे दर पे हम जाना मांगे
नैनों का नज़राना ज़रा
दीवानों की भर दे झोलियाँ
आज मौसम अल्कोहोलिया हो लिया
ओह री अंगूरी, दिल की मजबूरी
तू जो लूटे तो बंदा हँस के लुट जाए
दारू से दूरी, हम सह ना पाएँ
बोतल लैला तो मनवा मजनू बन के गाए
अल्कोहोलिया अल्कोहोलिया
नाच खींच पैरों के बीच से तू तौलिया
अल्कोहोलिया अल्कोहोलिया
पी पी के लखनऊ लगे है मंगोलिया
अब ना हिचकिचा तू
ज़ोर से थिरक जा तू
लाज को आज तो दारू में धो दिया
आज मौसम अल्कोहोलिया
हो लिया
अल्को अल्को होलिया अल्कोहोलिया
अल्को अल्को होलिया अल्कोहोलिया
अल्कोहोलिया अल्कोहोलिया...
अल्कोहोलिया - Alcoholia (Ananya, Snigdhajit, Vishal-Shekhar, Vikram Vedha)
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