Music By: मिथुन
Lyrics By: मनोज मुंतशिर
Performed By: अरिजीत सिंह
होना था जो हुआ
ऐ दिल जाने भी दे
शिकवा किस बात का
ऐ दिल जाने भी दे
यादों के चार लम्हें, हैं तो सही
रह जाये जो अधूरा, है इश्क़ वही
सोच लिया तू ख्वाब था मेरा
टूट गया जो आया सवेरा
सोच लिया है बिन तेरे जीना
सोच लिया जो सोचा कभी ना
सोच लिया...
अब इस दिल में मेरे
होगी धड़क थोड़ी कम
आँखों में आज से
होगी चमक थोड़ी कम
तेरे बिना जो साँस लूँ
वो साँस होगी सितम
फिर भी तुझको आवाज़ दूँगा
मैं ना कभी
सोच लिया...
मुझे खींचती जाए
तेरी ये यादों की डोर
मगर मुड़ के देखूँगा
ना कभी मैं तेरी ओर
तो क्या बेतहाशा
दिल पुकारे नाम तेरा
सुनना ही नहीं है धड़कनों का
मुझको ये शोर
सोच लिया...
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