Music By: खामोश शाह
Lyrics By: अज़ीम शिराज़ी
Performed By: अभय जोधपुरकर, मालविका मनोज
दिल की दालानों में है
छोटी छोटी सी खिड़कियाँ
झाँकती है जिसमें
दो पगली सी अँखियाँ
टेढ़े मेढ़े अखरों में
लिखती हैं ये अर्ज़ियाँ
प्यार की बोली में
मीठी मीठी सी बतियाँ
तेरी मेरी साँसों की
रेशमी सी ये डोरियाँ
मांगे मंज़ूरियाँ, मांगे मंज़ूरियाँ
मांगे मंज़ूरियाँ
मंज़ूरियाँ तेरी मेरी
मेरे कमरे में आहटें
तेरी महसूस होती हैं
खयालों की मसेरी पे
तू मेरे साथ होती है
एक हथेली तेरी हो
एक हथेली मेरी हो
दोनों की लकीरों की
मन्नतें भी पूरी हों
तेरे मेरे बीच की
दो कदम की ये दूरियाँ
मांगे मंज़ूरियाँ...
टेढ़े मेढ़े अखरों में
लिखती है ये अर्ज़ियाँ
बार-बार आ रही
मीठी हिचकियाँ
तेरी मेरी साँसों की...
मांगे मंज़ूरियाँ...
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