Music By: संजय लीला भंसाली
Lyrics By: कुमार
Performed By: नीति मोहन
मेरी जाँ मेरी जाँ मेरी जाँ
मेरी जाँ मेरी जाँ मेरी जाँ
आई है जो रात नशीली
इसकी हर इक बात नशीली
तू भी आ कर ले नशा
दोनों की मुलाक़ात नशीली
नशे की ये बरसात नशीली
तू भी आ कर ले नशा
मेरी जाँ...
सुबह तक भी न उतरेगा
नशा ये इस पल का
इसमें जी ले क्या करना है
वादा ये कल का
इक तेरी ही खातिर
ये जाम है छलका
मेरी जाँ...
मेरी आँखों से कम गहरा
नशा पैमानों का, हो
इनमें ही तो डूबना चाहे
दिल मेहमानों का
तेरी खातिर है तोड़ा
ये ख्वाब दीवानों का, हाय
मेरी जाँ...
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