Music By: हरिहरन
Lyrics By: मोमिन
Performed By: हरिहरन
असर उसको ज़रा नहीं होता
रंज राहत फ़िज़ा नहीं होता
असर उसको...
बेवफ़ा कहने की शिकायत है
तो भी वादा वफ़ा नहीं होता
असर उसको...
तुम हमारे किसी तरह न हुए
वरना दुनिया में क्या नहीं होता
असर उसको...
तुम मेरे पास होते हो गोया
जब कोई दूसरा नहीं होता
असर उसको...
क्यूँ सुनें अर्ज़-ए-मुज़्तरिब 'मोमिन'
सनम आख़िर ख़ुदा नहीं होता
असर उसको...
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