इश्क जलाकर - Ishq Jalakar (Shashwat Sachdev, Dhurandhar)

Movie/Album: धुरंधर (2025)
Music By: शाश्वत सचदेव, रोशन
Lyrics By: इरशाद कामिल, साहिर लुधियानवी
Performed By: शहज़ाद अली, सुभदीप दास चौधरी, अरमान खान

धूप टूट के काँच की तरह
चुभ गई तो क्या
अब देखा जाएगा
आंधियाँ कई दिल में है मेरे
चुभ गई तो क्या
अब देखा जाएगा

दिल है टूटा
मेरा मैं इश्क जला कर आ गया
दिल है टूटा
मेरा मैं इश्क जला कर आ गया

नि सं गं गं सं नि सं गं मं पं
मं पं गं मन रें सं
नि सं गं रें सं नि सं

आसमान में उड़ान है
धड़कन धड़कन सुरूर में
(दिल है टूटा
नि सं गं गं सं नि सं गं मं पं
मं पं गं मन रें सं
नि सं गं रें सं नि सं)
है जूनून में सुकून
अब ये दिल ये दिल फितूर में
(दिल है टूटा
नि सं गं गं सं नि सं गं मं पं
मं पं गं मन रें सं
नि सं गं रें सं नि सं)

आंधी बन के आया हूँ
मेरा हौसला भी अय्याश है

ना तो कारवाँ की तलाश है
ना तो कारवाँ की तलाश है
ना तो हमसफर की तलाश है
ना तो कारवाँ की तलाश है
दिल है टूटा..

आधी बातें आँखें बोलें
(प न सं गं रं सं न ध प म प सं रं न सं)
आधी बातें आँखें बोलें
बाकी आधी खामोशी कह दे
हमज़ुबाँ की तलाश है

ना तो कारवाँ की तलाश है
ना तो कारवाँ की तलाश है
ना तो हमसफर की तलाश है
मेरा शौक तेरा दीदार है
यही उमर भर की तलाश है

मेरे हमकदम हैं ये ज़मीं
मेरे हमकदम हैं ये ज़मीं
मेरे हाथ में आकाश है
ना तो कारवाँ की तलाश है...
दिल है टूटा...

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