Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य, प्रसून गुप्ता
Performed By: जावेद अली
क्षण भी है तू
तू ही समय भी है
सृष्टि भी तू
तू ही प्रलय भी है
स्वयं ही तू अग्नि है
महादेवाय महेश्वरा
अग्नि ज्वालम् जटाधरा
ब्रह्म तेज नायकम्
शिवा शिवम नमो नमः
नमो देवाय महेश्वरा
अग्नि ज्वालम् प्रभाधरा
प्रचंड का उजास का
शिवा शिवम् नमो नमः
हो धौंकनी सी तेरी साँसें चलती हैं
तेरा तपता कपाल
है लावा जैसा धमनियों के
रक्त में उबाल
पिघलाए हुए लोहे से
ये तेरी पसलियाँ है बनी
खोल दे भुजाएँ तो
धधक उठे मशाल
आदि नहीं तेरा न कोई अंत है
अजर तू अजात है जयन्त है
स्वयं ही तू अग्नि है
महादेवाय महेश्वरा...
आज अग्नि उजागर हो
प्रज्ज्वलित एक दिवाकर हो
सदा हो रोशनी की जय
परास्त अंधकार हो
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