Music By: अविनाश व्यास
Lyrics By: कवि प्रदीप
Performed By: कवि प्रदीप
तेरे द्वार खड़ा भगवान
भगत भर दे रे झोली
तेरा होगा बड़ा एहसान
कि जुग-जुग तेरी रहेगी शान
भगत भर दे...
डोल उठी है सारी धरती देख रे
डोला गगन है सारा
भीख माँगने आया तेरे घर
जगत का पालन हारा रे
मैं आज तेरा मेहमान
कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान
भगत भर दे...
आज लुटा दे रे सर्वस अपना
मान ले कहना मेरा
मिट जाएगा पल में तेरा
जनम-जनम का फेरा रे
तू छोड़ सकल अभिमान
अमर कर ले रे तू अपना दान
भगत भर दे...
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