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Thursday

मेरा नाम राजू घराना अनाम - Mera Naam Raju Gharana Anaam (Mukesh, Jis Desh Mein Ganga Behti Hai)

Movie/Album: जिस देश में गंगा बहती है (1960)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश

मेरा नाम राजू घराना अनाम
बहती है गंगा जहाँ मेरा धाम
मेरा नाम राजू...

काम नये नित गीत बनाना
गीत बना के जहां को सुनाना
कोई न मिले तो अकेले में गाना
कविराज कहे, न ये ताज रहे
न ये राज रहे, न ये राजघराना
प्रीत और प्रीत का गीत रहे
कभी लूट सका न कोई ये खज़ाना
मेरा नाम राजू घराना अनाम...

धूल का एक बादल अलबेला
निकला हूँ अपने सफ़र में अकेला
छुप-छुप देखूँ मैं दुनिया का मेला
काहे मान करे, अभिमान करे
मेहमान तुझे एक दिन तो है जाना
डफ़ली उठा आवाज़ मिला
गा मिल के मेरे संग प्रेम तराना
मेरा नाम राजू घराना अनाम...

Monday

हलके हलके चलो साँवरे - Halke Halke Chalo Sanwre (Hemant Kumar, Lata Mangeshkar, Tangewali)

Movie/Album: तांगेवाली (1955)
Music By: सलिल चौधरी
Lyrics By: प्रेम धवन
Performed By: हेमंत कुमार, लता मंगेशकर

हल्के हल्के चलो साँवरे
प्यार की मस्त हवाओं में
दिल को ये डर है, पहला सफ़र है
इन अलबेली राहों में

हल्के हल्के चला ना जाये
प्यार की मस्त हवाओं में
जब तक है दम, चलो चलें हम
डाल के बाहें बाहों में

बढ़ने लगी दिल की धड़कन
डोल रहा क्यों मेरा तन मन, हाय मेरा तन मन
तू ही बता चैन कहाँ जब लागी लगन
दिल भी है तेरा, जाँ भी है तेरी
जबसे बसी हो निगाहों में
हल्के हल्के चलो साँवरे

तू मंज़िल मैं राही तेरा
तेरे बिना क्या जीना मेरा, क्या जीना मेरा
टूटे कभी ना छुटे कभी ये साथ पिया
प्यार की क़सम, संग रहेंगे हम
नील गगन की छाँव में
हल्के हल्के चलो साँवरे...

Sunday

मैं हूँ डॉन - Main Hoon Don (Kishore Kumar, Don)

Movie/Album: डॉन (1978)
Music By: कल्याणजी आनंदजी
Lyrics By: अनजान
Performed By: किशोर कुमार

अरे दीवानों मुझे पहचानों
कहाँ से आया मैं हूँ कौन
मैं हूँ डॉन...

अरे तुमने जो देखा है, सोचा है समझा है जाना है, वो मैं नहीं
लोगों की नज़रों ने, मुझको यहाँ जो भी माना है, वो मैं नहीं
आवारा बादल को, सौदाई पागाल को, दुनिया में समझा है कौन
अरे दीवानों मुझे...

अरे यारों का वो यार हूँ यारी में जाँ लुटा दे जो मैं हूँ वही
दुश्मन का दुश्मन हूँ वो, दुश्मन के छक्के छुड़ा दे जो मैं हूँ वही
तुम जानो ना जानो, मैंने तो जाना है, महफ़िल में कैसा है कौन
अरे दीवानों मुझे...

अरे मैंने क्या सोचा है, क्या ख़्वाब है मेरी आँखों में, तुम जानो ना
मैंने भी बदला है क्या रंग बातों ही बातों में, तुम जानो ना
चेहरे पे चेहरा है, परदे पे परदा है, दुनिया में समझा है कौन
अरे दीवानों मुझे...

Saturday

जैसे सूरज की गर्मी से - Jaise Suraj Ki Garmi (Sharma Bandhu, Parinay)

Movie/Album: परिणय (1974)
Music By: जयदेव
Lyrics By: रामानंद शर्मा
Performed By: शर्मा बंधू

जैसे सूरज की गर्मी से
जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है
मैं जबसे शरण तेरी आया, मेरे राम

भटका हुआ मेरा मन था कोई, मिल ना रहा था सहारा
लहरों से लड़ती हुई नाव को जैसे मिल ना रहा हो किनारा
उस लड़खड़ाती हुई नाव को जो किसी ने किनारा दिखाया
ऐसा ही सुख मेरे...

शीतल बने आग चंदन के जैसी, राघव कृपा हो जो तेरी
उजियाली पूनम की हो जाए रातें, जो थी अमावस अंधेरी
युग युग से प्यासी मरूभूमी ने जैसे सावन का संदेस पाया
ऐसा ही सुख मेरे...

जिस राह की मंज़िल तेरा मिलन हो, उस पर कदम मैं बढ़ाऊँ
फूलों में खारों में, पतझड़ बहारों में, मैं ना कभी डगमगाऊँ
पानी के प्यासे को तकदीर ने जैसे जी भर के अमृत पिलाया
ऐसा ही सुख मेरे...

Friday

तुमने किसी की जान को - Tumne Kisi Ki Jaan Ko (Md.Rafi, Rajkumar)

Movie/Album: राजकुमार (1964)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

तुमने किसी की जान को जाते हुए देखा है
वो देखो मुझसे रूठकर, मेरी जान जा रही है

क्या जाने किस कुसूर की, दी है मुझे सजायें
दीवाना कर रही है, तौबा शिकन अदायें
जुल्फों में मुह छुपाकर, मुझको लुभा रही है
वो देखो मुझसे रूठकर...

घबरा रही है खुद भी बेचैन हो रही है
अपने ही खून-ए-दिल में दामन डूबो रही है
बेजान रह गये हम, वो मुस्कुरा रही है
वो देखो मुझसे रूठकर...

मस्ती भरी घटाओं अब जाके रोक लो तुम
तुमको मेरी कसम है समझा के रोक लो तुम
उसकी जुदाई दिल पर नश्तर चला रही है
वो देखो मुझसे रूठकर...

Thursday

इन्हीं लोगों ने - Inhi Logon Ne (Lata Mangeshkar, Pakeezah)

Movie/Album: पाकीज़ा (1971)
Music By: गुलाम मोहम्मद
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

इन्हीं लोगों ने, इन्हीं लोगों ने
इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा मेरा

हमरी न मानो बजजवा से पूछो
हमरी न मानो सैंया, बजजवा से पूछो
जिसने, जिसने अशरफ़ी गज़ दीना दुपट्टा मेरा

हमरी न मानो रँगरेजवा से पूछो
हमरी न मानो सैयां
जिसने गुलाबी रँग दीना दुपट्टा मेरा
इन्हीं लोगों ने...

हमरी न मानो सिपहिया से पूछो
जिसने बजरिया में छीना दुपट्टा मेरा
इन्हीं लोगों ने...

Wednesday

मौसम है आशिकाना - Mausam Hai Aashiqana (Lata Mangeshkar, Pakeezah)

Movie/Album: पाकीज़ा (1971)
Music By: गुलाम मोहम्मद
Lyrics By: कमल अमरोही
Performed By: लता मंगेशकर

मौसम है आशिकाना
ऐ दिल कहीं से उनको ऐसे में ढूंढ लाना

कहना के रुत जवां है, और हम तरस रहे हैं
काली घटा के साये, बिरहन को डस रहे हैं
डर है न मार डाले, सावन का क्या ठिकाना
मौसम है आशिकाना

सूरज कहीं भी जाये, तुम पर ना धूप आये
तुमको पुकारते हैं, इन गेसूओं के साये
आ जाओ मैं बना दूँ, पलकों का शामियाना
मौसम है आशिकाना

फिरते हैं हम अकेले, बाहों में कोई ले ले
आखिर कोई कहाँ तक तनहाईयों से खेले
दिन हो गये हैं ज़ालिम, राते हैं कातिलाना
मौसम है आशिकाना

ये रात ये खामोशी, ये ख्व़ाब से नज़ारें
जुगनू हैं या जमीं पर उतरे हुए हैं तारें
बेख़ाब मेरी आँखे, मदहोश है ज़माना
मौसम है आशिकाना...

Tuesday

चलो दिलदार चलो - Chalo Dildar Chalo (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Pakeezah)

Movie/Album: पाकीज़ा (1971)
Music By: गुलाम मोहम्मद
Lyrics By: कैफ भोपाली
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

चलो दिलदार चलो, चाँद के पार चलो
हम हैं तैयार चलो

आओ खो जाएँ सितारों में कहीं
छोड़ दे आज दुनियाँ ये ज़मीं
चलो दिलदार चलो...

हम नशे में हैं संभालो हमें तुम
नींद आती है जगा लो हमें तुम
चलो दिलदार चलो...

ज़िन्दगी ख़त्म भी हो जाये अगर
ना कभी ख़त्म हो उल्फत का सफ़र
चलो दिलदार चलो...

Monday

पाकीज़ा - Pakeezah (Gulraj Singh, Ungli)

Movie/Album: ऊँगली (2014)
Music By: गुलराज सिंह
Lyrics By: मनोज यादव
Performed By: गुलराज सिंह

ओ पाकीज़ा रे
नैनों से ये दिल गिरा रे
ओ पाकीज़ा रे
अब दिल में तू ही घिरा रे
बातें तेरी लब पहने तो
लबों से कई सजदे हों
इश्क़ तेरा मेरा रब से ज़्यादा
इश्क़ तेरा मेरा पाकीज़ा है ना
इश्क़ तेरा मेरा रब से ज़्यादा
तुझसे ही ये चाह है पाकीज़ा
पाकीज़ा, पाकीज़ा

नूर सी हँसी ये कहीं जो बरसाये तू
रूह की खुशी तू ये जी ना सहलाये तू
हश्र मेरा तू इब्तिदा, उन्स तेरा जावेदा
हो ज़िन्दगी कुछ नहीं तेरे बिना
इश्क़ तेरा..
ओ पाकीज़ा रे..

Sunday

चलते चलते यूँ ही कोई - Chalte Chalte Yun Hi Koi (Lata Mangeshkar, Pakeezah)

Movie/Album: पाकीज़ा (1971)
Music By: गुलाम मोहम्मद
Lyrics By: कैफ़ी आज़मी
Performed By: लता मंगेशकर

चलते चलते यूँ ही कोई मिल गया था
सरे राह चलते चलते
वहीँ थम के रह गयी है, मेरी रात ढलते ढलते

जो कही गई ना मुझसे, वो ज़माना कह रहा है
के फ़साना बन गयी है, मेरी बात चलते चलते
यूँ ही कोई मिल...

शब-ए-इंतज़ार आखिर, कभी होगी मुख़्तसर भी
ये चिराग बुझ रहे हैं, मेरे साथ जलते जलते
यूँ ही कोई मिल...

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