Movie/Album: राज़ (2002)
Music By: नदीम-श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अल्का याग्निक
आपके प्यार में हम सँवरने लगे
देख के आपको हम निखरने लगे
इस कदर आपसे हमको मोहब्बत हुई
टूट के बाज़ुओं में बिखरने लगे
आपके प्यार में...
आप जो इस तरह से तड़पायेंगे
ऐसे आलम में पागल हो जायेंगे
वो मिल गया जिसकी हमें, कब से तलाश थी
बेचैन-सी इन साँसों में, जन्मों की प्यास थी
जिस्म से रूह में हम उतरने लगे
इस कदर आपसे हमको...
रूप की आँच से तन पिघल जायेगा
आग लग जाएगी, मन मचल जायेगा
ये लब ज़रा टकराए जो, दिलबर के होंठ से
चिंगारियाँ उड़ने लगी, शबनम की चोट से
हम सनम हद से आगे गुज़रने लगे
इस कदर आपसे...
Music By: नदीम-श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अल्का याग्निक
आपके प्यार में हम सँवरने लगे
देख के आपको हम निखरने लगे
इस कदर आपसे हमको मोहब्बत हुई
टूट के बाज़ुओं में बिखरने लगे
आपके प्यार में...
आप जो इस तरह से तड़पायेंगे
ऐसे आलम में पागल हो जायेंगे
वो मिल गया जिसकी हमें, कब से तलाश थी
बेचैन-सी इन साँसों में, जन्मों की प्यास थी
जिस्म से रूह में हम उतरने लगे
इस कदर आपसे हमको...
रूप की आँच से तन पिघल जायेगा
आग लग जाएगी, मन मचल जायेगा
ये लब ज़रा टकराए जो, दिलबर के होंठ से
चिंगारियाँ उड़ने लगी, शबनम की चोट से
हम सनम हद से आगे गुज़रने लगे
इस कदर आपसे...
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