Movie/Album: अक्सर (2006)
Music By: हिमेश रेशमिया
Lyrics By: समीर
Performed By: कुणाल गांजावाला, सुनिधि चौहान
ज़िक्र करें जो तेरा
रात गुज़र जाती है
तेरी दीवानगी में
उम्र गुज़रने की
राह नज़र आती है
तेरी दीवानगी में
ज़िक्र करें जो तेरा...
लुट जायेंगे मर जायेंगे
तेरे बिना तेरे बिना
लुट जायेंगे मर जायेंगे
तेरे बिना तेरे बिना
रब्बा वे रब्बा खैर करे...
ज़िक्र करें जो तेरा...
सोचे तुम्हें ही सोचें
हम तो शाम सवेरे
तुमको ही चाहें
तुमको ही बुलाएँ
मेरी बाहों के ये घेरे
सोचे तुम्हें ही सोचें...
रब्बा वे रब्बा खैर करे...
ज़िक्र करें जो तेरा...
हम तो गुम हुए दिलबर
इस दीवानेपन में
ख़्वाबों की कहानी
ख्यालों की रवानी
है रवाँ है रवाँ
है मेरे मन में
हम तो गुम हुए दिलबर...
रब्बा वे रब्बा खैर करे...
ज़िक्र करें जो तेरा...
Music By: हिमेश रेशमिया
Lyrics By: समीर
Performed By: कुणाल गांजावाला, सुनिधि चौहान
ज़िक्र करें जो तेरा
रात गुज़र जाती है
तेरी दीवानगी में
उम्र गुज़रने की
राह नज़र आती है
तेरी दीवानगी में
ज़िक्र करें जो तेरा...
लुट जायेंगे मर जायेंगे
तेरे बिना तेरे बिना
लुट जायेंगे मर जायेंगे
तेरे बिना तेरे बिना
रब्बा वे रब्बा खैर करे...
ज़िक्र करें जो तेरा...
सोचे तुम्हें ही सोचें
हम तो शाम सवेरे
तुमको ही चाहें
तुमको ही बुलाएँ
मेरी बाहों के ये घेरे
सोचे तुम्हें ही सोचें...
रब्बा वे रब्बा खैर करे...
ज़िक्र करें जो तेरा...
हम तो गुम हुए दिलबर
इस दीवानेपन में
ख़्वाबों की कहानी
ख्यालों की रवानी
है रवाँ है रवाँ
है मेरे मन में
हम तो गुम हुए दिलबर...
रब्बा वे रब्बा खैर करे...
ज़िक्र करें जो तेरा...
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