रफ्ता रफ्ता वो मेरे - Rafta Rafta Wo Mere (Mehdi Hassan)

Lyrics By: तस्लीम फ़ज़ली
Performed By: मेहदी हसन

रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामाँ हो गए
पहले जाँ, फिर जान-ए-जाँ
फिर जान-ए-जाना हो गए

दिन-ब-दिन बढ़ती गई इस हुस्न की रानाइयाँ
पहले गुल, फिर गुल-बदन, फिर गुल-बदामाँ हो गए
रफ्ता रफ्ता वो मेरे...

आप तो नज़दीक से नज़दीक-तर आते गए
पहले दिल, फिर दिलरुबा, फिर दिल के मेहमाँ हो गए
रफ्ता रफ्ता वो मेरे...

प्यार जब हद से बढ़ा सारे तकल्लुफ मिट गए
आप से, फिर तुम हुए, फिर तू का उनवाँ हो गए
रफ्ता रफ्ता वो मेरे...

14 comments :

यह वेबसाइट/गाना पसंद है? तो कुछ लिखें...