दो दिल मिल रहे हैं - Do Dil Mil Rahe Hain (Kumar Sanu, Pardes)

Movie/Album: परदेस (1997)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: कुमार सानू

दो दिल मिल रहे हैं
मगर चुपके चुपके
सबको हो रही है
खबर चुपके चुपके

सांसों में बड़ी बेकरारी
आँखों में कई रत जगे
कभी कहीं लग जाये दिल तो
कहीं फिर दिल ना लगे
अपना दिल मैं ज़रा थाम लूं
जादू का मैं इसे नाम दूं
जादू कर रहा है, असर चुपके चुपके
दो दिल मिल रहे हैं...

ऐसे भोले बन कर हैं बैठे
जैसे कोई बात नहीं
सब कुछ नज़र आ रहा है
दिन है ये रात नहीं
क्या है कुछ भी नहीं है अगर
होठों पे है ख़ामोशी मगर
बातें कर रहीं हैं, नज़र चुपके चुपके
दो दिल मिल रहे हैं...

कहीं आग लगने से पहले
उठता है ऐसा धुंआ
जैसा है इधर का नज़ारा
वैसा ही उधर का समा
दिल में कैसी कसक सी जगी
दोनों जानिब बराबर लगी
देखो तो इधर से, उधर चुपके चुपके
दो दिल मिल रहे हैं...

No comments :

Post a Comment

Like this Blog? Let us know!